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मैथ्स का पेपर बिगड़ा तो भी नहीं होगा साल खराब, CBSE देगा मार्क्स सुधारने का दूसरा मौका

CBSE क्लास 10th के मैथ्स बोर्ड एग्जाम 2026 को लेकर कई छात्रों ने पेपर को लेंदी और कठिन बताया. हालांकि, इस बार छात्रों के पास राहत का विकल्प है. सीबीएसईने 2025-26 सेशन से दो-एग्जाम सिस्टम लागू किया है. जानिए इसमें क्या होगा...

CBSE Class 10 Maths Exam 2026: CBSE 10वीं बोर्ड में मैथ्स एग्जाम के बाद कई छात्रों के चेहरे पर टेंशन साफ दिखी. मंगलवार को देशभर में हुए पेपर के बाद एग्जाम सेंटर के बाहर चर्चा एक ही थी, पेपर लेंदी था और कुछ हिस्से उम्मीद से ज्यादा हार्ड आए थे. छात्रों को कम मार्क्स को लेकर चिंता सता रही है. अगर आपका भी पेपर खराब हुआ है या लो मार्क्स आने की उम्मीद है, तो घबराने या परेशान होने की बात नहीं है, क्योंकि छात्रों को दूसरी बार एग्जाम देने का मौका मिलेगा, जिससे वे अपने मार्क्स सुधार सकते हैं.

10वीं के छात्रों की चिंता क्यों बढ़ी

कई छात्रों ने कहा कि मैथ्स का पेपर खासकर ‘बेसिक’ लेवल के हिसाब से ज्यादा लंबा और कठिन लगा. कुछ छात्रों के मुताबिक, सेक्शन E चैलेंजिंग था, जबकि बाकी पेपर मीडियम लेवल का था. मैथ्स वैसे भी हाई-प्रेशर सब्जेक्ट माना जाता है. ऐसे में अगर पेपर लंबा हो जाए, तो घबराहट बढ़ना स्वाभाविक है. लेकिन 2026 बैच के लिए इस बार एक बड़ा बदलाव लागू हो चुका है. नया सिस्टम छात्रों के लिए राहत लेकर आया है.

 CBSE का नया सिस्टम क्या है

CBSE (Central Board of Secondary Education) ने 2025-26 सत्र से क्लास 10 के लिए टू-एग्जाम सिस्टम लागू किया है. इसका मतलब पहला बोर्ड एग्जाम यानी मेन एग्जाम 17 फरवरी 2026 से शुरू है. दूसरा बोर्ड एग्जाम मई 2026 में होगा, जो मार्क्स सुधारने और कंपार्टमेंट के लिए है. यानी अगर किसी स्टूडेंट को लगता है कि मैथ्स का पेपर उम्मीद के मुताबिक नहीं गया, तो उसी साल दोबारा एग्जाम देकर मार्क्स सुधार सकते हैं.

किन छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका और किन्हें नहीं

1. छात्र मैक्सिमम 3 सब्जेक्ट में सुधार के लिए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं. इसमें मैथ्स, साइंस, सोशल साइंस और लैंग्वेज शामिल हैं.

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