Advertisement

Sidebar advertisement

15 मिनट में लोन और खाद की सटीक जानकारी… बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

कृषि विभाग के मुताबिक फॉर्मर रजिस्ट्रेशन के बाद सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा. जिन किसानों की फॉर्मर आईडी बन जाएगी उन्हें 15 मिनट के अंदर कृषि लोन मिल जाएगा.

बिहार में अब किसानों को एप से खाद की उपलब्धता का पता चलेगा. कृषि विभाग अपने बिहार कृषि एप में यह सुविधा देने वाली है. इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. इससे किसानों को उनके नजदीकी खाद दुकान में उपलब्ध यूरिया, डीएपी जैसे खाद की मात्रा और कीमत दोनों पता चलेगी. विभाग का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा. कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि कालाबाजारी करने वालों से हम सख्ती से निपटेंगे.

खाद की कालाबाजारी पर 100 से अधिक FIR दर्ज

रबी सीजन के दौरान खाद की कालाबजारी और अनियमितता की शिकायत पर 104 खाद दुकानों पर कार्रवाई की गई है. साथ ही 419 खाद दुकानों का लाइसेंस भी रद्द किया गया है. बिहार में फिलहाल 1 लाख 62 हजार मैट्रिक टन यूरिया, 1 लाख 44 हजार मैट्रिक टन डीएपी, 2 लाख 1 हजार मैट्रिक टन एनपीके, 45 हजार मैट्रिक टन एमओपी, 1 लाख 4 हजार मैट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक है.

15 मिनट में मिलेगा कृषि लोन

कृषि विभाग के मुताबिक फॉर्मर रजिस्ट्रेशन के बाद सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा. जिन किसानों की फॉर्मर आईडी बन जाएगी उन्हें 15 मिनट के अंदर कृषि लोन मिल जाएगा. बिहार में फॉर्मर आईडी बनाने के लिए 3 विशेष शिविर लगाए गए हैं. बिहार में पीएम किसान के लाभार्थियों की संख्या 85 लाख 53 हजार है इनमें अब तक 45 लाख 18 हजार किसानों की फॉर्मर आईडी बन चुकी है. उन किसानों को फॉर्मर आईडी बनाने में परेशानी हो रही है जिनके पास अपने नाम से जमाबंदी नहीं है. इसलिए विभाग ने किसानों से अपील की है कि म्यूटेशन करा लें.

Prev Post
Next Post