CJP प्रोटेस्ट के दौरान हिरासत में ली गईं डिंपल, इधर संसद भवन में राहुल, प्रियंका गांधी से मिले अखिलेश यादव
Raisina News Desk- जुलाई 20, 2026 06:48 PM IST

नई दिल्ली:
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच मॉनसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया. आंदोलन में शामिल होने गईं समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव को भी हिरासत में लिया गया. इस बीच संसद भवन में अखिलेश यादव ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ बैठक की. CJP प्रोटेस्ट, संसद के इस मानसून सत्र और उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह बैठक बहुत अहम मानी जा रही है. अखिलेश ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि इस बैठक में सभी मुद्दों पर बात हुई. उम्मीद यही कि इसमें CJP प्रोटेस्ट और नीट पेपर लीक पर भी बात हुई है.
संसद भवन में हुई इस बैठक में प्रियंका गांधी भी मौजूद थी, इसी की वजह से यह कहा जा रहा है कि इस बैठक में उत्तरप्रदेश को लेकर बातचीत हुई है. हालांकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस मुलाकात को ज्यादा तूल नहीं देना चाहती है. वैसे अखिलेश यादव पहले ही एनडीटीवी से कह चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में INDIA गठबंधन पहले से ही है और इस बार का विधानसभा चुनाव भी इंडिया गठबंधन की तरफ से मजबूती से लड़ा जाएगा.मगर संसद के लिहाज से भी राहुल गांधी और अखिलेश यादव की मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है.कांग्रेस के बाद समाजवादी पार्टी ही INDIA अलायंस की सबसे बड़ी दूसरी पार्टी है.
संसद में विपक्ष की रणनीति एकदम साफ है वो सरकार को राम मंदिर में चंदा चोरी और नीट पेपर लीक पर घेरना चाहती है और इस बार इन दोनों मुद्दों पर विपक्ष एकजुट है.समाजवादी पार्टी तो जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के समर्थन में खुल कर सामने आ गई है.सपा सांसदों के एक समूह ने बैनर हाथ में लेकर संसद भवन से जंतर मंतर तक मार्च किया और जब डिंपल यादव और अन्य सांसद वहां पहुंचे तो उन्हें थोड़ी देर के लिए हिरासत में भी लिए गए.कहने का मतलब है कि विपक्ष इस मानसून सत्र में सरकार पर दबाव बनाने से चूकना नहीं चाहती.
अभी तो फिलहाल नीट पेपर लीक का मुद्दा चल रहा है जिसके लिए संसद के दोनों सदनों में काम रोको प्रस्ताव भी विपक्ष के तरफ से दिया गया.मानसून सत्र का पहला दिन भले ही हंगामे के भेंट चढ़ गया हो मगर उम्मीद की जानी चाहिए कि सरकार और विपक्ष के बीच मुद्दों पर कुछ सहमति बनेगी और संसद का कामकाज सुचारू रूप से चलेगा.विपक्ष राम मंदिर में चंदा चोरी और पेपर लीक पर बहस चाहती है और यदि संसद की कार्य मंत्रणा समिति में कोई सहमति बन जाए तो बात बन सकती है. सरकार ने भले ही अपने ऐजेंडा में परिसीमन बिल नहीं रखा है मगर जिस दिन सरकार उसे लाने की कोशिश करेगी उसी दिन विपक्षी एकता की परीक्षा होगी.