CJP प्रदर्शन पर गरमाई राजनीति, राहुल गांधी से केजरीवाल तक सरकार पर बरसे विपक्षी नेता
Raisina News Desk- जुलाई 20, 2026 08:53 PM IST

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, लगातार हो रहे पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे युवाओं के प्रदर्शन ने सोमवार को राजनीतिक रंग ले लिया. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी देश के सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री हैं. जानिए किस नेता ने इस प्रदर्शन पर क्या कहा.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों व दिल्ली पुलिस सहित अन्य सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प की निंदा की है. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में हो रहे गंभीर मुद्दों को लेकर जायज सवाल उठाने वाले छात्रों को जवाब में केवल लाठियां और हिरासत मिली. राहुल गांधी ने पेपर लीक की घटनाओं का आंकड़ा देते हुए कहा कि देश में अब तक 152 पेपर लीक हो चुके हैं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए हैं. इसके बावजूद किसी दोषी को सजा नहीं मिली. उल्टा मेहनती युवाओं को सजा दी जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक करने वाले अपराधी आजाद घूम रहे हैं, जबकि वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्रों को घसीटा जा रहा है, पीटा जा रहा है और हिरासत में लिया जा रहा है. दिल्ली की सड़कों पर उतरे हमारे युवा अपराधी नहीं हैं, वे अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे.
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘भाजपा सरकार को बच्चों पर लाठी चलाने की जगह अपनी नीतियों और अक्षमताओं की समीक्षा करनी चाहिए. पहले नीट का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई और री-नीट में भी गड़बड़ी की खबरें आई हैं. कहा गया था कि प्रधानमंत्री खुद निगरानी करेंगे, इसके बावजूद यह सब क्यों और कैसे हो रहा है? बार-बार इतने पेपर लीक कैसे हो रहे हैं? संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों युवाओं की बात सुननी चाहिए, उन्हें जवाब देना चाहिए.’
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने प्रदर्शन को लेकर कहा कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है. सरकार न तो लोगों को सड़कों पर अपनी बात रखने देना चाहती है और न ही संसद में विपक्ष को अपनी आवाज उठाने का अवसर देना चाहती है. सरकार की कहानी आज देश देख रहा है. संसद का भी गला घोंटा जा रहा है और सड़क का भी. यह लोकतंत्र नहीं हो सकता. कांग्रेस की मांग पूरी तरह स्पष्ट है. यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई लगातार यह मांग कर रहे हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और परीक्षा प्रणाली का प्रत्येक स्तर पर स्वतंत्र और समयबद्ध ऑडिट कराया जाए.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हमने सरकार और पुलिस का रवैया देखा, लाठी और आंसू गैस का इस्तेमाल देखा और सादे कपड़ों में पुलिस वालों ने छात्रों और युवाओं के साथ जैसा बर्ताव किया, वह भी देखा. सरकार को अंदाजा नहीं था कि छात्र और युवा इतनी बड़ी संख्या में आएंगे. यह एक बड़ी विफलता है और इसी विफलता की वजह से लोग यहां जमा हुए हैं. सरकार सालों से छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. वही गुस्सा अब दिख रहा है. क्रांति की आवाज उठ रही है और एकजुटता साफ दिख रही है. इसीलिए देश के युवा इतनी बड़ी संख्या में यहां मौजूद हैं. आज हुई घटना को हम कल लोकसभा में उठाएंगे.
वहीं सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि छात्रों की पिटाई की गई है. आज का दिन लोकतंत्र और हमारे इतिहास में एक काले दिन के तौर पर याद किया जाएगा. कुछ पुलिसकर्मियों की आंखों में शर्म भी देखी जा सकती थी. फिर भी अपनी ड्यूटी के दौरान उन्होंने अपने नाम के बैज हटा दिए और आगे बढ़े. कुछ पुलिस अधिकारियों ने गुंडों जैसा व्यवहार किया. जहां कुछ पुलिसकर्मी सहयोग कर रहे थे, वहीं कुछ बिना वर्दी के आए और छात्रों को पीटा, यहां तक कि उन्हें बिजली के झटके भी दिए. हम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग करते हैं. सरकार को जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और जवाबदेही दिखानी चाहिए. क्या यही आपका ‘नया भारत’ है.
वहीं आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शन को लेकर एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, हमारे बच्चों पर लाठी चार्ज कर रहे हैं, आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं. ऐसा लगता है कि मोदी जी ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा व्यवस्था ठीक करने की बजाय देश के युवाओं पर सीधे हमला बोल दिया है. युवा मोदी जी का अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.’