जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को पनाह देने के आरोप में मस्जिद का इमाम गिरफ्तार, लश्कर नेटवर्क से जुड़े होने का दावा
Raisina News Desk- जुलाई 21, 2026 11:25 PM IST

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मस्जिद के इमाम को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि इमाम लंबे समय से पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को शरण देने और उनकी हर तरह से मदद करने का काम कर रहा था. अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी जिले में सक्रिय आतंकियों के समर्थन तंत्र को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद रफीक नाइक के रूप में हुई है, जो किश्तवाड़ के सिंहपोरा क्षेत्र के द्वाथर गांव का रहने वाला है. वह कलासोई इलाके की एक मस्जिद में इमाम के तौर पर कार्यरत था. जांच में सामने आया है कि नाइक पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन के लिए ग्राउंड हैंडलर की भूमिका निभा रहा था. वह आतंकियों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के साथ-साथ भोजन, जरूरी सामान और अन्य सहायता भी देता था.
पुलिस का कहना है कि मोहम्मद रफीक नाइक का संबंध लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर सैफुल्लाह और उसके साथियों से था. सैफुल्लाह के नेतृत्व वाला आतंकी समूह चतरू क्षेत्र के जंगलों में सक्रिय था. सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि नाइक की मदद के कारण यह आतंकी मॉड्यूल करीब दो वर्षों तक इलाके में सक्रिय रह सका. इसी साल सुरक्षा बलों ने एक अभियान के दौरान सैफुल्लाह और उसके साथियों को मार गिराया था.
पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी चतरू क्षेत्र में विदेशी आतंकियों को मिल रही मदद की जांच के दौरान हुई है. इससे पहले इसी मामले में मुनीर अहमद और मशकूर अहमद को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. आरोप है कि मशकूर अहमद, जो पेशे से शिक्षक है, आतंकियों को संचार और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध करा रहा था.
अधिकारियों का कहना है कि जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है और आतंकियों से जुड़े अन्य ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान की जा रही है. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं. अधिकारियों ने साफ कहा है कि आतंकियों की मदद करने वाला कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी पद या पेशे से जुड़ा हो, कानून की पकड़ से नहीं बच सकेगा.