नागालैंड में लैंडस्लाइड और बाढ़ से भारी तबाही, 1200 से ज्यादा परिवार प्रभावित; मोन में सबसे ज्यादा नुकसान
Raisina News Desk- जुलाई 23, 2026 12:50 AM IST

नागालैंड में 19 और 20 जुलाई को हुई भारी बारिश के कई जिलों में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूस्खलन और बाढ़ से करीब 12,865 परिवार प्रभावित हुए हैं. नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA) ने बुधवार को ये जानकारी दी है. मीडिया से बात करते हुए NSDMA के जॉइंट चीफ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफिसर जॉनी रुआंगमेई ने कहा कि यह आपदा जबरदस्त बादल फटने की वजह से आई है. बताया गया कि अथॉरिटी ने 18 जुलाई की शाम को ही SMS के जरिए मौसम की चेतावनी जारी कर दी थी.
NSDMA के अनुसार, 19 जुलाई को मोन जिले में 130 mm और मोकोकचुंग में 126 mm बारिश हुई. भारी बारिश की वजह से बड़े पैमाने पर भूस्खलन और फ़्लैश फ़्लड की स्थिति पैदा हो गई. फ़्लैश फ़्लड की वजह से मोन जिला सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ, जहां भूस्खलन में नौ लोगों की जान चली गई, जबकि एक और व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ में हो गई. लोंगलेन्ग, तुएनसांग, किफायर, शमाटोर, मोकोकचुंग और कई आस-पास के इलाकों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
रुआंगमेई ने बताया कि मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने मोन जिले के लिए तुरंत 70 लाख रुपये की राहत राशि मंज़ूर की है, जिसमें मुआवजे की राशि भी शामिल है. इसके अलावा राहत कार्यों में लगे कम्युनिटी वॉलंटियर्स और सिविल सोसाइटी ग्रुप्स के लिए 10 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भी मंजूर की गई. NSDMA ने सभी प्रभावित ज़िलों को तुरंत राहत सहायता भी दी है और मोकोकचुंग ज़िले के तुली इलाके में बाढ़ से प्रभावित परिवारों तक पहला राहत पैकेज पहुंच भी चुका है. उन्होंने कहा कि मोन और लॉन्गलेन्ग के बीच सड़क संपर्क बुरी तरह बाधित है और बिजली व टेलीकॉम सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. NSDMA संचार संपर्क बहाल करने के लिए दूरसंचार विभाग के साथ समन्वय कर रहा है.
सड़कें बंद होने और खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर ऑपरेशन न हो पाने के कारण, बचाव और राहत का काम बहुत मुश्किल हो गया है. सड़कें बंद होने और उड़ान भरने के लिए हालात सुरक्षित न होने की वजह से, अधिकारी दूसरे जिलो से अतिरिक्त लोग (NDRF की टीमें) नहीं बुला पा रहे हैं.
रुआंगमेई ने कहा कि NSDMA, मोन और लोंगलेन्ग में फंसे छात्रों के लिए हेलीकॉप्टर से मदद का इंतज़ाम भी कर रहा है, ताकि वे NPSC कंबाइंड एंट्रेंस एग्ज़ाम में शामिल हो सकें. साथ ही मौसम ठीक रहने पर भारतीय वायु सेना से भी मदद मांगी गई है.