CJP Protest: 36 दिन बाद खाली हुआ जंतर मंतर, रात में ही धुलवा दिया गया धरना स्थल; देखें वीडियो
Raisina News Desk- जुलाई 26, 2026 07:55 AM IST

नई दिल्ली:
नारों की गूंज, रंग-बिरंगी तख्तियां और शोरगुल के बीच जंतर-मंतर कल रात अचानक खामोश हो गया है. वहां अब सिर्फ सन्नाटा पसरा है. प्रदर्शनकारी अब बिछी हुई दरियां समेट रहे थे, गद्दे लपेट रहे थे और अपना बिखरा हुआ सामान बैगों में भर रहे थे. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया.
जंतर मंतर को खाली करा लिया गया.
Photo Credit: Ashutosh Kumar Singh/ NDTV
छात्रों के आंदोलन वापस लेने के ऐलान के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया. एनडीटीवी ने देखा कि पुलिस ने रात में ही जंतर-मंतर के धरना स्थल को पूरी तरह खाली करा लिया. जैसे ही छात्र अपना सामान समेटकर वहां से निकले, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कल पार्टी ने अपना आंदोलन वापस ले लिया, जिसके बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध स्थल पर सफाई का काम चल रहा है.#JantarMantar pic.twitter.com/Uem8U0mDI1
— NDTV India (@ndtvindia) July 26, 2026
रातभर धरना स्थल से जमा कूड़ा-कचरा उठाया गया. सिर्फ झाड़ू ही नहीं लगाई गई, बल्कि पूरी जगह को पानी से अच्छी तरह धोया गया ताकि जंतर-मंतर को फिर से सामान्य स्थिति में लाया जा सके.
#WATCH | Delhi | Clearance work underway at the Cockroach Janta Party (CJP) protest site at Jantar Mantar after the party called off it’s agitation yesterday following Dharmendra Pradhan’s resignation. pic.twitter.com/yFJyJOxuZY
— ANI (@ANI) July 26, 2026
सुबह होते-होते जंतर-मंतर का नजारा पूरी तरह बदल चुका था. जिस जगह पर देश भर से आए छात्र दिन-रात डटे हुए थे, वहां अब NDMC के कर्मचारी मुस्तैदी से सफाई करते दिखे.
#WATCH | Delhi | Clearance work underway at the Cockroach Janta Party (CJP) protest site at Jantar Mantar after the party called off it’s agitation yesterday following Dharmendra Pradhan’s resignation. pic.twitter.com/CyjgIhtrK4
— ANI (@ANI) July 26, 2026
आंदोलन खत्म होने के बाद छात्रों के चेहरों पर थकान के साथ-साथ अपनी मांग पूरी होने का एक अलग सुकून भी नजर आया. छात्र चुपचाप अपनी जरूरत का सामान बैग में ठूंसते और जंतर-मंतर की उस जमीन को आखिरी बार देखते नजर आए, जो कई दिनों तक उनके संघर्ष की गवाह बनी रही.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे ने आंदोलन की पूरी दिशा ही बदल दी और जो प्रदर्शन कई दिनों तक खिंचने के आसार दिखा रहा था, वह कुछ ही घंटों में शांतिपूर्ण तरीके से सिमट गया.