"नागरिकता देने का कानून है, छीनने का नहीं", CAA पर बोले सुवेंदु अधिकारी; 300 मतुआ को दिया सर्टिफिकेट
Raisina News Desk- अगस्त 02, 2026 02:44 AM IST

पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. शनिवार को न्यू टाउन में आयोजित एक कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने उत्तर 24 परगना के 300 मतुआ समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र सौंपे. इस दौरान उन्होंने कहा कि CAA का उद्देश्य लोगों को नागरिकता देना है और इसे लेकर फैलाए गए भ्रम की कोई सच्चाई नहीं है.
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लंबे समय से नागरिकता का इंतजार कर रहे लोगों को अब उनका अधिकार मिल रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में और भी पात्र लोगों को नागरिकता प्रमाणपत्र दिए जाएंगे. साथ ही उन्होंने लोगों से आगे आकर नागरिकता के लिए आवेदन करने की अपील की.
मतुआ समुदाय का नागरिकता मुद्दा बंगाल की राजनीति में लंबे समय से अहम विषय रहा है. बांग्लादेश से भारत आए शरणार्थियों के बीच नागरिकता की मांग वर्षों से उठती रही है. इसी वजह से यह समुदाय चुनावी राजनीति में भी महत्वपूर्ण माना जाता है.
कार्यक्रम के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली राज्य सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए CAA को लेकर लोगों के बीच भ्रम फैलाया. उनका कहना था कि नागरिकता कानून को लेकर जनता को गलत जानकारी दी गई और इसके विरोध में कई अभियान चलाए गए.
उन्होंने यह भी कहा कि CAA विरोधी प्रदर्शनों के दौरान रेलवे स्टेशन, ट्रेन और बसों जैसी सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था. सुवेंदु ने दावा किया कि इन घटनाओं से आम जनता को परेशानी उठानी पड़ी थी.
सुवेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुराने वादों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मतुआ समुदाय को नागरिकता देने का भरोसा दिलाया था. बाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बोंगांव की एक सभा में इस प्रतिबद्धता को दोहराया था.
उन्होंने कहा कि अब उस वादे को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है और नागरिकता प्रमाणपत्रों का वितरण उसी प्रक्रिया का हिस्सा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि CAA जरूरतमंद लोगों को अधिकार दिलाने वाला कानून है और इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा.
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