हैदराबाद-चेन्नई बुलेट ट्रेन: तिरुपति, अमरावती समेत 18 शहरों से गुजरेगी दक्षिण भारत की पहली हाईस्पीड रेल
Raisina News Desk- अगस्त 10, 2026 09:54 PM IST

हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर अब जमीन पर उतरने के लिए तैयार है. ताजा अपडेट के मुताबिक दक्षिण भारत की पहली हाईस्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए रेल मंत्रालय और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) तैयारियां अंतिम दौर में है. इस हाईस्पीड रेल से हैदराबाद से चेन्नई के बीच 12 घंटे की दूरी महज 3 घंटे में पूरी होगी. इस ट्रेन की रफ्तार 350 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच होगी. यह रेल परियोजना तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु राज्यों को आपस में कनेक्टिविटी को और बेहतर करेगी. ट्रेन 18 स्टेशनों पर रुकेगी, जिसमें तिरुपति, शमशाबाद, अमरावती, गुंटूर, तिरुवल्लूर और चेन्नई सेंट्रल जैसे बड़े स्टेशन शामिल रहेंगे.
हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट भारत सरकार की तरफ से पिछले बजट में घोषित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का हिस्सा है. जिसे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है. हैदराबाद-चेन्नई कॉरिडोर में भी दो तरह की सर्विस होंगी, एक तेज सर्विस जिसमें कम स्टॉप होंगे और दूसरी सर्विस जो रास्ते में पड़ने वाले सभी 18 स्टेशनों पर रुकेगी.
𝐇𝐲𝐝𝐞𝐫𝐚𝐛𝐚𝐝-𝐂𝐡𝐞𝐧𝐧𝐚𝐢 𝐇𝐢𝐠𝐡 𝐒𝐩𝐞𝐞𝐝 𝐑𝐚𝐢𝐥 (𝐁𝐮𝐥𝐥𝐞𝐭 𝐓𝐫𝐚𝐢𝐧) 𝐏𝐫𝐨𝐣𝐞𝐜𝐭 𝐮𝐩𝐝𝐚𝐭𝐞.
▪️National Highway Speed Rail Corporation Ltd. (NHSRCL) has announced that the fastest bullet train service between Hyderabad and Chennai would take just 2 hours… pic.twitter.com/oF9vsL6ibc
— Infra News India (INI) (@TheINIofficial) August 10, 2026
ये भी पढ़ेंः दिल्ली से कानपुर 4.30 घंटे में, नोएडा के नए एक्सप्रेसवे से वेस्ट यूपी के 9 जिलों को हाईस्पीड कनेक्टिविटी, गंगा एक्सप्रेसवे से लिंक
फिलहाल ट्रेन या सड़क मार्ग से हैदराबाद से चेन्नई की दूरी तय करने में 12 से 13 घंटे का समय लग जाता है. लेकिन हाई-स्पीड कॉरिडोर के बनने के यह दूरी सिमटकर 3 घंटे रह जाएगी. यह 773 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर है, इस ट्रैक पर बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि इसे 320 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा.
हैदराबाद-चेन्नई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का अलाइनमेंट हाल ही में तय किया गया है. रेल मंत्रालय ने इस कॉरिडोर का DPR मार्च 2027 तक पूरा करने का समय तय किया है. दक्षिण मध्य रेलवे ने फाइनल अलाइनमेंट रिपोर्ट राज्य सरकारों को सौंप दी है. जमीन अधिग्रहण और वित्तीय स्वीकृतियां मिलने के बाद 2027 से 2028 के बीच इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा. एक अनुमानित लागत के मुताबिक यह प्रोजेक्ट 1.5 लाख करोड़ का माना जा रहा है. जिसे लगभग 10 से 12 सालों के बीच पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यानि यह ट्रेन 2038 से 2040 के बीच चल सकती है.
ये भी पढे़ंः देवरिया कुशीनगर से निकलेगा सुपरफास्ट हाईवे, पूर्वांचल में गोरखपुर से लखनऊ तक मिलेगी कनेक्टिविटी