राम मंदिर चंदा चोरी: योगी सरकार को सौंपी गई SIT की फाइनल रिपोर्ट
Raisina News Desk- अगस्त 18, 2026 05:49 AM IST

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ गई है. इस रिपोर्ट को राज्य की योगी सरकार को सौंप दिया गया है. इसके अलावा गृह विभाग ने आवश्यक कार्रवाई के साथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी यह रिपोर्ट उपलब्ध करवाई है.
जानकारी के लिए बता दें कि ट्रस्ट के अनुरोध पर यूपी सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच आयोग का गठन किया था. वरिष्ठ अफसर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया था. SIT द्वारा सरकार को सौंपी प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर ही कई आरोपियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई भी हुई थी.
वैसे इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले को लेकर अहम सुनवाई हुई थी. जब एसआईटी जांच पर सवाल उठाए गए तो कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी. ृ एक वकील द्वारा ट्रस्ट और SIT की जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाने के बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया कि SIT का गठन स्वयं सुप्रीम कोर्ट ने किया है और वह कोर्ट के प्रति जवाबदेह और उत्तरदायी है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा. SIT को अपनी जांच की स्टेटस की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करनी होगी. हमारा मुख्य कंसर्न जांच को तार्किक अंत तक पहुंचाना है.
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के साथ-साथ अन्य वास्तविक और जनहित से जुड़े लोगों को भी यह सुझाव देने की अनुमति होगी कि किन पहलुओं की SIT द्वारा गहन जांच की जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी सुझाव सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय को दिए जाएं. इसके बाद उन्हें SIT के पास भेजा जाएगा ताकि टीम उन पर निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ तरीके से विचार कर सकें.
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले पर टिप्पणी की थी. उन्होंने जोर देकर बोला था कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो गई है. सीएम योगी ने कहा था कि जिस अयोध्या में चढ़ावे की चर्चा वे करते हैं, मुद्दा क्या था? राम जन्मभूमि में चढ़ावा चोरी से संबंधित एक प्रकरण सामने आया, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने इसके लिए सिफारिश की, SIT बनी, SIT के अनुसार कार्रवाई हुई, कार्रवाई चल भी रही है. उसका नाम चंदा चोरी के साथ जोड़ा गया. मामला कहां से कहां पहुंच रहा है, वो जो अपराधी था उसके खिलाफ कार्रवाई हुई है, दूध का दूध पानी का पानी ये पहले दिन से कह रखा है और उसके अनुरूप इस पर कार्रवाई करने के लिए सरकार भी और तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी पूरी तरह कृत संकल्पित है, इसमें कोई संदेह किसी को होना भी नहीं चाहिए.