42 हजार से ज्यादा लोग वेटिंग में, पहली बार पीएम मोदी के कार्यक्रम का डिजिटल रेजिस्ट्रेशन
Raisina News Desk- सितंबर 07, 2026 06:40 PM IST

गुजरात के वडोदरा में मंगलवार को होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. पहली बार इस तरह के कार्यक्रम के लिए बुकमायशो के जरिए मुफ्त डिजिटल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई और शुरू होने के महज एक घंटे के भीतर सभी सीटें बुक हो गईं.
रजिस्ट्रेशन बंद होने के बाद 42,000 से अधिक लोगों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया. वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की इस पहल को लोगों का भारी समर्थन मिला जिससे कार्यक्रम के प्रति उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है.
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि अपनी तरह की पहली पहल के तहत, मंगलवार को होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए ‘बुकमाईशो’ के जरिए नि:शुल्क पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई, जिसमें वडोदरा नगर निगम ने पंजीकरण का प्रबंधन करने के लिए इस निजी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि लोगों की शानदार प्रतिक्रिया मिली और पंजीकरण शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही सभी सीट बुक हो गईं।
अधिकारियों ने बताया कि बाद में पंजीकरण बंद कर दिया गया और 42,000 से अधिक आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है, जो इस कार्यक्रम के लिए लोगों में भारी उत्साह को दर्शाता है।
Will be attending programmes in Vadodara, Navsari and Mumbai tomorrow, 8th September.
These include:
Key projects worth over Rs. 35,000 crore to be inaugurated or to have their foundation stones laid.
Dedication of three important sections of the Western Dedicated Freight…
— Narendra Modi (@narendramodi) September 7, 2026
वडोदरा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इनमें 20,700 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (WDFC) के प्रमुख खंड शामिल हैं. साथ ही नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम है.
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण 326 किलोमीटर लंबे और 20,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित पश्चिम समर्पित माल ढुलाई गलियारे (डब्ल्यूडीएफसी) के तीन खंडों का समर्पण होगा। इन खंडों के चालू होने से डब्ल्यूडीएफसी नेटवर्क अपनी पूरी लंबाई में पूरी तरह से कार्यरत हो जाएगा, जिससे माल ढुलाई कनेक्टिविटी में सुधार होगा, रसद लागत कम होगी और मुंबई के रेल नेटवर्क पर दबाव कम होगा।