दिल्ली में एक हफ्ते में 4 रुपये सस्ता हुआ प्याज, कई राज्यों में राहत; फिर भी महीनेभर में 29% महंगा हुआ कांदा
Raisina News Desk- सितंबर 25, 2026 07:42 AM IST
नई दिल्ली:
त्योहारी सीजन से पहले देश में बढ़ती प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से सप्लाई बढ़ाने की रणनीति अपनाई है. पिछले कुछ सप्ताह के दौरान 100 से अधिक शहरों में प्याज की आपूर्ति बढ़ाई गई है, जिसके शुरुआती असर भी दिखाई देने लगे हैं. उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार कई राज्यों में खुदरा कीमतें स्थिर हुई हैं या उनमें मामूली गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि राहत के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर प्याज अभी भी पिछले महीने की तुलना में करीब 29 प्रतिशत महंगा बना हुआ है.
प्याज की लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से देश के 100 से अधिक शहरों में प्याज की आपूर्ति शुरू की है. उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ने से कई हिस्सों में कीमतों पर दबाव कम होने लगा है. विभाग का कहना है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्याज की खुदरा कीमतें या तो स्थिर बनी रहीं या उनमें गिरावट देखी गई.
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों में कीमतों में राहत के संकेत मिले हैं.
बिहार, चंडीगढ़, हरियाणा और सिक्किम में प्याज की खुदरा कीमतों में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया. हालांकि देश के कई अन्य शहरों में अभी भी प्याज की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे स्पष्ट है कि बाजार पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है.
सरकारी हस्तक्षेप के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर प्याज महंगा बना हुआ है. खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार:
इस तरह एक महीने के भीतर प्याज की औसत खुदरा कीमत में 29.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
पश्चिम बंगाल में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाया है. प्याज से लदी ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेन कोलकाता पहुंच रही है, जिससे बाजार में आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है. अधिकारियों का मानना है कि त्योहारों के मौसम से पहले यह कदम कीमतों को नियंत्रित करने में मदद करेगा.
कोलकाता में अभी 25 से ज़्यादा जगहों पर खुदरा बिक्री हो रही है, जिनमें कोले मार्केट, मेचुआ मंडी, माणिकतला मार्केट, रामपुरिया मार्केट और श्याम बाज़ार मार्केट जैसे बड़े बाज़ार शामिल हैं. सरकार को उम्मीद है कि बढ़ी हुई आपूर्ति से स्थानीय बाजारों में कीमतों पर दबाव कम होगा.
अगले कुछ सप्ताह प्याज बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे. यदि बफर स्टॉक से आपूर्ति लगातार बनी रहती है और नई फसल बाजार में समय पर पहुंचती है तो कीमतों में और नरमी आ सकती है. फिलहाल केंद्र सरकार की कोशिश है कि त्योहारों के दौरान आम उपभोक्ताओं को राहत मिले और प्याज की बढ़ती कीमतें घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ न बनें.