ट्रेन से 2 महिलाओं ने पहुंचाए हथियार… टाइगर पर हमले की साजिश का खुलासा, दिल्ली पुलिस ने 4 को पकड़ा
Raisina News Desk- अक्टूबर 21, 2026 05:02 AM IST
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासाImage Credit source: ANI
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों का नाम कुणाल, सुमित, राधा और बबिता बताया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि कुणाल अनिल पंडित के टच में था. कुणाल और सुमित ने हमले के लिए राधा और बबीता को हथियार दिए थे. फिर राधा और बबिता हथियार लेकर मुंबई के दादर गई थीं, जहां उन्होंने हथियार शूटरों को हैंडरओवर किए थे. अब दिल्ली पुलिस ने चारों आरोपियों को मुंबई पुलिस को सौंप दिया है.
स्पेशल सेल की एनडीआर टीम ने मंगलवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया. आरोपियों को BNSS की धारा 35(1)(b) के तहत कलंदरा के जरिए अदालत में पेश किया गया था. इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी, मुंबई ने आरोपियों से हिरासत में पूछताछ और औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति मांगी. अदालत ने इसकी मंजूरी दे दी. बाद में मुंबई पुलिस ने आरोपियों की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया.
हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आए कुणाल की मुलाकात हरसाना गांव के एक दोस्त के जरिए अनिल पंडित से हुई और वो एक एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए उससे बातचीत करने लगा. अनिल पंडित के कहने पर कुणाल ने अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लिए. फिर करीब दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात राधा से हुई. उसने उसे अपने कामों के बारे में बताया, उसके साथ रिश्ते बनाए और उसे हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए राजी कर लिया.
उसके बाद 15 अक्टूबर को कुणाल राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन ले गया. पिस्तौल राधा के बैग में थी. सफर के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहा और अनिल पंडित के निर्देश उन तक पहुंचाता रहा. फिर 17 अक्टूबर को दोनों महिलाएं मुंबई के दादर में उतरीं और एक होटल में रुक गईं. सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़के ने होटल के पास राधा से वह बैग ले लिया.
18 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई. अनिल पंडित ने कुणाल को बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं और उनसे उन्हें वहां से निकालने का इंतजाम करने को कहा. वहीं, 18 अक्टूबर को राधा और बबीता दादर-हरिद्वार एक्सप्रेस से मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं, लेकिन 20 अक्टूबर को राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से और कुणाल व सुमित को सोनीपत से पकड़ लिया गया.