राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में सुधार की मांग, पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए निर्देश जारी
Raisina News Desk- अक्टूबर 21, 2026 05:55 PM IST
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों को उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के रूप में विकसित करने के लिए इसके सम्पूर्ण कायाकल्प की जरूरत पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र और बेहतर आवासीय सुविधायुक्त संस्थानों के रूप में विकसित किया जाए.
उन्होंने इसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना तैयार करते हुए शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, आधारभूत सुविधाओं से युक्त किए जाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि विद्यालयों के संचालन में व्यापक सुधार किए जाने की आवश्यकता है.
मुख्य सचिव ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन सोसाइटी के माध्यम से कराए जाने पर जोर दिया. कहा कि इसके लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासी निकाय एवं जिला स्तर पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समिति के गठन की व्यवस्था की जाए. उन्होंने सरकारी आवासीय विद्यालयों के संचालन के लिए एक लीगल फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों के प्रभावी संचालन, उत्तरदायित्व निर्धारण और नियमित निगरानी में सहायता मिल सके.
मुख्य सचिव ने विद्यालयों में नियमित एवं समर्पित शिक्षकों की नियुक्ति के साथ ही, स्थायी प्रधानाचार्यों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि विद्यालयों में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता के अनुरूप योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की उपलब्धता होनी चाहिए. शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अर्हताओं के साथ उच्च शिक्षा और शोध की पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए.
उन्होंने निर्देश दिए कि स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक एवं अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. विद्यालयों के कार्मिक ढांचे को भी आवश्यकता के अनुरूप मजबूत किया जाए.
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रवेश परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया का समयबद्ध निर्धारण किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया ऐसी हो कि नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ होने से कम से कम एक माह पहले विद्यार्थियों के प्रवेश सुनिश्चित कर लिए जाएं.
मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा अन्य पाठ्य-सहगामी एवं पाठ्येतर गतिविधियों के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं. विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं. उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
मुख्य सचिव ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए वाहन की व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. साथ ही, विद्यालयों के लिए आवश्यक बजट का निर्धारण भी प्रस्तावित सुविधाओं, कार्मिकों और संचालन संबंधी जरूरतों के अनुरूप किया जाए.
इस अवसर पर सचिव शि़क्षा ज्योति यादव, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय एवं महानिदेशक आकांक्षा कोंडे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.