मणिपुर में फिर सड़कों पर उतरे हजारों लोग, आखिर क्या है इनकी मांग?

मणिपुर में फिर सड़कों पर उतरे हजारों लोग, आखिर क्या है इनकी मांग?

मणिपुर में जातीय तनाव के बीच एक बार फिर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. राज्य की राजधानी इंफाल में रविवार को हजारों लोगों ने रैली निकालकर उग्रवादी संगठनों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते को रद्द करने और हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों की सुरक्षित वापसी की मांग की. 

मणिपुर इंटीग्रिटी पर समन्वय समिति (COCOMI) की ओर से आयोजित इस रैली में पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों के अलग-अलग समुदायों के लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने राज्य की मूल आबादी की सुरक्षा की मांग करते हुए नारे लगाए. 

चंदेल और सेनापति में भी निकाली गईं रैलियां
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने इंफाल की सड़कों पर मार्च निकाला और SoO समझौता खत्म करने की मांग उठाई. उन्होंने आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDPs) की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की भी अपील की.

कई नगा संगठनों ने भी इन मांगों का समर्थन किया. इनके समर्थन में नागरिक संगठनों ने चंदेल और सेनापति जिलों में मार्च निकाले. नगा संगठनों ने SoO समझौते को समाप्त करने की मांग करते हुए कुकी-जो उग्रवादी समूहों पर हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया.

2023 से जारी जातीय संघर्ष में 306 लोगों की मौत
मणिपुर में मई 2023 से घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों के कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष जारी है. इस हिंसा में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस साल फरवरी से कुकी और नगा समूहों के बीच हुई झड़पों में भी करीब 50 लोगों की मौत हुई है. राज्य में अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव बना हुआ है.

14 मैतेई युवकों पर हमले के बाद बढ़ा विरोध
हाल ही में उग्रवादियों ने कथित तौर पर 14 मैतेई पुरुषों पर घात लगाकर हमला किया था. इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. इसी घटनाक्रम के बीच इंफाल और अन्य जिलों में रैलियां निकाली गईं. प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, मूल निवासियों की रक्षा करने और विस्थापित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की.

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