चिप इंडस्ट्री में मिलेंगी एक लाख नौकरियां, NDTV से बोले वैष्णव-भारत बनेगा बड़ा सेमिकॉन प्लेयर

NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में सिर्फ प्लांट लगाना काफी नहीं होता, बल्कि पूरा इकोसिस्टम तैयार करना सबसे ज्यादा जरूरी है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जापान आज इस क्षेत्र में आगे इसलिए है क्योंकि वहां मजबूत इकोसिस्टम मौजूद है. भारत में सेमीकंडक्टर कार्यक्रम अभी शुरू हुआ है और अब पूरा इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है.

‘सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में 4 साल में हुआ बहुत काम’

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले चार वर्षों में इस क्षेत्र में उतना काम हुआ है, जितना पिछले 70 वर्षों में नहीं हुआ था. वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया था कि अगले 20 सालों को ध्यान में रखकर इस सेमीकंडक्टर प्रोग्राम में काम करना होगा. 

‘जापान, यूरोप और चीन में चिप एक्सपोर्ट कर रहा भारत’

‘मेक इन इंडिया’ की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में डिजाइन की गई चिप्स अब जापान, यूरोप, चीन और अमेरिका जैसे देशों में एक्सपोर्ट की जा रही हैं. इतना ही नहीं, अब ये चिप्स भारत में ही तैयार भी की जा रही हैं, जो देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.

‘अपना GPU बनना सपना’

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का अपना GPU विकसित करना देश का सपना है और सरकार इसे पूरा करके रहेगी. उन्होंने बताया कि इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है और उसी दिशा में काम आगे बढ़ रहा है.

रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन का फायदा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि असम के दिसपुर जैसे क्षेत्रों के बच्चे भी चिप डिजाइन कर रहे हैं. देश के छोटे शहरों के युवा अब इस हाई-टेक सेक्टर का हिस्सा बन रहे हैं.

‘इस प्रोग्राम में आएंगी कुछ चुनौतियां’

उन्होंने कहा कि असम में विश्वस्तरीय सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जो नई पीढ़ी यानी Gen Z के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा. वैष्णव ने कहा कि यह मिशन अभी शुरुआती दौर में है और इसे देश के लिए एक फाउंडेशनल पहल के तौर पर देखना चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि जब भारत में एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगनी शुरू हुई थीं, तब भी कई तरह की चुनौतियां सामने आई थीं.

उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन में भी कई तरह की बाधाएं आएंगी. साइबर अटैक, फेक न्यूज और अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इन सबके बावजूद देश इस दिशा में आगे बढ़ता रहेगा. उनके मुताबिक, इतना बड़ा तकनीकी बदलाव लाने वाले किसी भी मिशन में चुनौतियां स्वाभाविक हैं, लेकिन भारत इसके लिए तैयार है.



Prev Post
Next Post