छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल, PM आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका

नई दिल्ली:

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीएम आवास के नजदीक धरने पर बैठ गए हैं. वह जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में मार्च कर रहे हैं. कुछ विपक्षी नेता जंतर मंतर पहुंच गए हैं. इस बीच लोक कल्याण मार्ग पर पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है.

इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री जितेंद्र सिंह ने धरना स्थल पर पहुंच कर राहुल गांधी से बात की. केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को मनाने की कोशिश की लेकिन ये बातचीत बेतनतीजा रही. उनके साथ केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी धरना स्थल पर मौजूद थे.

बातचीत बेरंग होने की वजह से जितेंद्र सिंह वापस लौट गए. इसके साथ कांग्रेस ने कहा है कि वह रातभर प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देगी. 

जितेंद्र सिंह और राहुल गांधी के बीच क्या बातचीत हुई?

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को सरकार की तरफ से मैसेज देकर भेजा गया था कि नेता विपक्ष को बताया जाए कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए क्या कदम उठाए हैं. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री राहुल गांधी से धरना खत्म करने के लिए कहा गया है. हालांकि राहुल गांधी ने इस अनुरोध को नहीं माना.

जितेंद्र सिंह ने सदन में चर्चा करवाने की मांग को राहुल गांधी के आगे रखा था. इसके बाद राहुल गांधी ने जितेंद्र सिंह से कहा है कि हमारी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा लेने की है और जबतक ये मांग पूरी नहीं होती है तब तक धरना जारी रहेगा.

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “हम कल युवा छात्रों के साथ हुई क्रूरता के लिए PM मोदी से जवाब मांगने के लिए उनके घर तक मार्च कर रहे हैं. सरकार कोई जवाबदेही नहीं लेना चाहती या संसद में इस पर बहस नहीं चाहती. भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए.”

विपक्ष का ये मार्च जंतर मंतर तक होगा. फिलहाल विपक्षी नेता लोक कल्याण मार्ग पर धरना दे रहे हैं.  इस मार्च में कांग्रेस सांसदों को हिरासत में लिया जा रहा है. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेताओं ने दोनों हाथों को नाइलोन रोप्स से बांध लिया है. 

इसके अलावा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी पुलिस ने डिटेन किया है. हिरासत में लिए जाने पर पंजाब कांग्रेस कैंपेन कमेटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “यह बीजेपी का आतंकवाद है. वे छात्रों की बात नहीं सुनते.”

हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस MP सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, “अगर सांसदों की यह हालत है, तो सोचिए स्टूडेंट्स के साथ क्या हो रहा होगा.”

कांग्रेस सासंद सैयद नसीर हुसैन ने कहा, “राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने आज लोकसभा और राज्यसभा दोनों में यह मुद्दा उठाने की कोशिश की कि कैसे कल देश भर से यहां इकट्ठा हुए और एक ऑर्गेनिक आंदोलन में हिस्सा ले रहे स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया. लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया. असल में किसी सांसद को बोलने नहीं दिया गया. प्रधानमंत्री तो पार्लियामेंट भी नहीं आते. इसीलिए सभी विपक्षी सांसद उनके घर आए हैं, ताकि हमारी आवाज सुनी जा सके.”


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