जंतर मंतर के विरोध प्रदर्शन पर बोले उद्धव ठाकरे- लोकतंत्र को मिली ऑक्सीजन

धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद विपक्षी खेमे में खुशी की लहर है। उद्धव ठाकरे इसे नौजवानों की बड़ी जीत बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह लोकतंत्र के लिए किसी ऑक्सीजन से कम नहीं है।

उद्धव ठाकरे ने कहा, “नौजवानों ने विरोध-प्रदर्शन कर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया है। यह हमारे लोकतंत्र के लिए एक ऑक्सीजन है। कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन सरकार और विपक्ष की नाकामी को भी उजागर करता है। यह देखकर खुशी होती है कि आज के नौजवानों में जेल जाने का भी कोई डर नहीं है। यह सत्ताधारी पार्टी के लिए खतरनाक स्थिति है।”

जानकारी के लिए बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने इस्तीफा देते वक्त कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटे हैं और और देश विरोधी ताकतों को रोकने के लिए अपने पद को छोड़ रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गी ने भी इस घटनाक्रम को लेकर एक बड़ा खुलासा किया। उनके मुताबिक इस प्रदर्शन के पहले दिन ही प्रधान ने इस्तीफ की पेशकश की थी।

पत्रकारों से बात करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस आंदोलन के पहले दिन से ही प्रधान ने पार्टी चीफ को बता दिया था कि अगर स्थिति बनेगी तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. उस समय पार्टी चीफ ने ऐसा करने से मना कर दिया था. लेकिन जब स्थिति ऐसी बनी और पार्टी ने उनका इस्तीफा मांगा, प्रधान ने चंद सेकेंड में ही अपना त्यागपत्र दे दिया.

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कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने एक अच्छे कार्यकर्ता का उदाहरण पेश किया है. उनके मुताबिक देश विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रधान ने अपना इस्तीफा दिया. विजयवर्गी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत में भी बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी स्थिति बनाने की साजिश थी, ऐसे में वे प्रधान के इस फैसले का स्वागत करते हैं.


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