जबलपुर से 12 घंटे में गोवा, 10 में मुंबई, नागपुर-पुणे तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी, समृद्धि एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा MP
Raisina News Desk- सितंबर 05, 2026 12:00 PM IST

जबलपुर से गोवा की दूरी अब 12 घंटे में और मुंबई की दूरी 10 घंटे में पूरी होने वाली है. क्योंकि जबलपुर-नागपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर जल्द ही डीपीआर पेश होने वाली है. जिससे जबलपुर सीधा महाराष्ट्र के ‘समृद्धि महामार्ग’ से जुड़ जाएगा. इस मेगा प्रोजेक्ट से मध्य प्रदेश की महाराष्ट्र और गोवा तक शानदार कनेक्टिविटी हो जाएगी. जबलपुर की नागपुर और पुणे से भी दूरी बहुत हद तक कम हो जाएगी. क्योंकि जबलपुर नागपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे आगे जाकर नागपुर-गोवा के शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्ट हो जाएगा. जिससे मध्य भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के हिसाब से यह प्रोजेक्ट अहम माना जा रहा है. ऐसे में एमपी सरकार भी इस पर तेजी से काम कर रही है. इस प्रोजेक्ट पर तीन अलग-अलग चरणों में काम किया जा रहा है.
जबलपुर नागपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सीधा महाराष्ट्र के शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा. जिससे जबलपुर और गोवा की दूरी में बड़ा फर्क आएगा. वर्तमान में जबलपुर से गोवा के पणजी तक जाने में 22 से 24 घंटे का समय लग जाता है. क्योंकि घाटों और संकरे रास्तों के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति भी दिखती है. लेकिन इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे नेटवर्क के चालू होने के बाद जबलपुर से गोवा का सफर मात्र 11 से 12 घंटे में हो जाएगा. जिससे यात्रा का समय 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगा. दोनों शहरों के बीच की कुल दूरी 1200 किलोमीटर रहती है, लेकिन नए हाईवे से इसकी दूरी में 100 से 150 किलोमीटर की दूरी भी कम हो जाएगी.
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इस प्रोजेक्ट के जरिए महाकौशल का केंद्र यानी जबलपुर सीधे महाराष्ट्र के ‘समृद्धि महामार्ग’ से जुड़ जाएगा. जिससे जबलपुर की मुंबई और पुणे जैसे महानगरों से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. अभी अगर आप जबलपुर से मुंबई या पुणे की यात्रा करते हैं तो भारी ट्रैफिक और 2 लेन मार्ग से जाने की वजह से 16 से 18 घंटे का समय लग जाता है. लेकिन जबलपुर से नागपुर तक के लिए एक हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर तैयार होने के बाद जबलपुर से मुंबई का सफर अब 10 से 11 घंटे में पूरा हो जाएगा. जबकि जबलपुर और नागपुर का सफर भी महज 3 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा.
The NH-44 section between #Nagpur and #Jabalpur offers convenient access to the picturesque Sahastradhara Falls near Maheshwar in #MadhyaPradesh, where the Narmada River flows over rocky terrain, creating a mesmerizing network of smaller streams. @MORTHIndia @PIBMoRTH #NHAI… pic.twitter.com/f26HObsiwn
— NHAI (@NHAI_Official) July 1, 2026
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्य सरकार मिलकर इस कॉरिडोर के डीपीआर के तैयार कर रही है. कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जबलपुर के आउटर रिंग रोड का काम अलग-अलग पैकेजों में तेजी से आगे बढ़ा है. मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने भी इसकी जानकारी दी है. फिलहाल जबलपुर में नर्मदा नदी पर एक विशाल 750 मीटर लंबा ब्रिज भी शामिल है, इसके अलावा मध्य प्रदेश का यह पूरा नेटवर्क देश के पहले ‘टाइगर कॉरिडोर’ के रूप में विकसित हो रहा है. इसलिए वन विभाग से समन्यवय भी किया जा रहा है.
इस नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 250 से 280 किलोमीटर के बीच होगी. ‘ग्रीनफील्ड’ का मतलब है कि यह हाईवे किसी पुरानी सड़क को चौड़ा करके नहीं, बल्कि बिल्कुल नए अलाइनमेंट पर बनाया जाएगा. जिसे शहरों से अलग करके निकाला जाएगा. ऐसे में भीड़ नहीं होगी और ट्रैफिक भी पूरी तरह से कंट्रोल में रहेगा. यानि नया ग्रीनफील्ड हाईवे सिर्फ मध्य भारत के दो शहरों को नहीं जोड़ेगा, बल्कि यह जबलपुर और पूरे मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए एक नया ‘ग्रोथ इंजन’ साबित होने वाला है. क्योंकि इससे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच की कनेक्टिविटी भी तेज होगी.
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