जहां कोई महिला फाइटर पायलट नहीं पहुंच पाई, वहां पहुंचीं बिहार की बेटी भावना कंठ; रच दिया नया इतिहास
Raisina News Desk- अगस्त 06, 2026 11:15 PM IST

नई दिल्ली:
भारतीय वायु सेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है. भावना देश की पहली ऐसी महिला फाइटर पायलट बन गई हैं, जिन्होंने ग्वालियर स्थित ‘टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट’ का प्रतिष्ठित ‘फाइटर कॉम्बैट लीडर’ कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया है. ऐसे में यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इस विशेष कोर्स में शामिल होने का मौका केवल चुनिंदा और बेहद कुशल लड़ाकू पायलटों को ही मिलता है. करीब 20 वीक तक चलने वाले इस ट्रेनिंग में वायु युद्ध की कठिन रणनीति, मिशन प्लानिंग और परिस्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है.
इतना ही नहीं, भावना कंठ का नाम पहले भी भारतीय वायु सेना के इतिहास में दर्ज हो चुका है. वर्ष 2016 में जब वायु सेना ने पहली बार महिलाओं को फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया था, तब भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह को देश की पहली महिला फाइटर पायलटों के रूप में कमीशन मिला था.
वहीं, महिला अधिकारियों की उपलब्धियों का सिलसिला यहीं नहीं रुका. इससे पहले स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह ने ‘क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर’ का दर्जा हासिल कर नई मिसाल कायम की थी. शिवांगी सिंह तब भी सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान कराई थी.
स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली हैं. लेकिन उनका जन्म बरौनी में हुआ था. उनकी शुरुआती शिक्षा बरौनी रिफाइनरी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल से हुई. स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी की. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भावना ने TCS में नौकरी की. बाद में उनका चयन भारतीय वायु सेना में हुआ और उन्होंने फाइटर पायलट बनने की दिशा में ऐतिहासिक यात्रा शुरू की.
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