दुश्मन पनडुब्बियों की अब खैर नहीं! नौसेना का अत्याधुनिक पोत 'मछलीपट्टनम' लॉन्च
Raisina News Desk- जुलाई 30, 2026 12:48 AM IST

मछलीपट्टनम युद्धपोत से भारत की समुद्र में ताकत बढ़ी है.
भारतीय नौसेना के बेड़े में जल्द एक और आधुनिक स्वदेशी युद्धपोत शामिल होने जा रहा है. माहे श्रेणी के एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट परियोजना के तहत तैयार किया गया सातवां पोत ‘मछलीपट्टनम’ बुधवार को लॉन्च किया गया. इस पोत का निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है. लॉन्चिंग समारोह में सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव और भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल अतुल आनंद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. श्रीमती गुलरुख आनंद ने औपचारिक रूप से इस युद्धपोत को लॉन्च किया.
इस युद्धपोत का नाम आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में स्थित ऐतिहासिक बंदरगाह शहर मछलीपट्टनम के नाम पर रखा गया है. यह शहर भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा और समुद्री व्यापार के लिए खास पहचान रखता है. नौसेना के मुताबिक यह पोत अपने नाम के अनुरूप देश की समुद्री विरासत और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है.
‘मछलीपट्टनम’ को अत्याधुनिक तकनीकों से तैयार किया गया है. यह समुद्र के भीतर निगरानी करने और दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने में सक्षम होगा. जरूरत पड़ने पर यह उनके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकेगा. इसके अलावा यह कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों से जुड़ी गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. नौसेना का मानना है कि इस पोत के शामिल होने से तटीय सुरक्षा और समुद्री निगरानी व्यवस्था और मजबूत होगी.
भारतीय नौसेना के लिए तैयार की जा रही इस परियोजना के तहत कुल आठ पोत बनाए जा रहे हैं. ‘मछलीपट्टनम’ इस श्रृंखला का सातवां पोत है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके निर्माण में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है. यह उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई मजबूती देती है. साथ ही यह साबित करती है कि भारत का जहाज निर्माण उद्योग आधुनिक युद्धपोत बनाने में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘मछलीपट्टनम’ के नौसेना में शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमता मजबूत होगी. यह पोत भविष्य में नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति साबित हो सकता है और समुद्र में किसी भी चुनौती का मुकाबला करने की क्षमता को और बढ़ाएगा.
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