देश में हिंसा न हो; अनशन तोड़ते ही समर्थकों से क्या बोले सोनम वांगचुक, PM मोदी ने कहा सेहत का रखें ध्यान

Sonam Wangchuk: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के अनशन के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना उपवास समाप्त कर दिया. अनशन तोड़ते हुए उन्होंने कहा, “मैं आभारी हूं और खुशी-खुशी अपना उपवास समाप्त करता हूं.” वांगचुक ने बताया कि लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया. उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके स्वास्थ्य को लेकर शुभकामनाएं दीं.

अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक ने क्या कहा?

26 दिनों के उपवास के बाद सोनम वांगचुक ने सबसे पहले बातचीत और सहयोग की प्रक्रिया के प्रति आभार जताया. इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में वांगचुक ने लिखा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के अलावा लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त किया है. उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था.

वांगचुक ने बताया कि कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही एक अलग वीडियो जारी कर पूरी बातचीत और शर्तों की जानकारी साझा करेंगे. साथ ही समर्थकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए सतर्क रहें. इस दौरान मेडिकल स्टाफ ने उन्हें तरल पदार्थ पिलाया और पारंपरिक सम्मान स्वरूप उन्हें एक शॉल भी भेंट की गई.

केंद्र सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के लिए चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं. सरकार सभी मुद्दों पर किसी भी समय चर्चा करने को तैयार है. डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बातचीत जेपी नड्डा के कार्यालय या आवास पर भी हो सकती है और वे स्वयं तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इसमें शामिल होंगे. उन्होंने इसे छात्रों और युवाओं के हित में सरकार द्वारा उठाए जा रहे निरंतर कदमों का हिस्सा बताया. संवाद और चर्चा के माध्यम से हम धीरे-धीरे समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे. मैं विनम्रतापूर्वक आप सभी से आग्रह करता हूं कि आइए और बातचीत कीजिए.

परिवार और समर्थकों का किया धन्यवाद

अनशन समाप्त करने के दौरान वांगचुक ने अपने परिवार, समर्थकों, लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के नेताओं का विशेष रूप से आभार जताया. उन्होंने कहा कि कठिन समय में परिवार ने उन्हें लगातार ताकत और समर्थन दिया. डॉक्टरों ने भी बताया कि फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है.

PM मोदी ने की स्वस्थ रहने की अपील

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी. PM ने कहा, “मैं सोनम जी से आग्रह करता हूँ कि वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वज़न फिर से प्राप्त करें. मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि सोनम जी स्वस्थ रहें.” प्रधानमंत्री के इस संदेश को आंदोलन के बाद एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

पेपर लीक पर PM का बड़ा संदेश

इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर NEET और अन्य परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक मामलों पर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य विषय नहीं है और इससे लाखों छात्रों तथा उनके परिवारों को पीड़ा पहुंचती है. PM ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में दोषियों की गिरफ्तारी समेत कई कदम उठाए गए हैं. सरकार की प्राथमिकता थी कि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में दोबारा परीक्षा कराई गई और 22 लाख छात्रों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की गई. उन्होंने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधानों वाला मसौदा तैयार हो चुका है और इसे कैबिनेट बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा. इसके बाद संसद में जल्द कानून लाने का प्रयास किया जाएगा.



Prev Post
Next Post