पश्चिम बंगाल: BJP सांसद अनंत महाराज से वापस लिया 'बंग विभूषण' सम्मान, नेताजी पर की थी विवादित टिप्पणी
Raisina News Desk- अगस्त 13, 2026 07:52 PM IST

पश्चिम बंगाल में राज्यसभा सांसद अनंत महाराज उर्फ नागेंद्र रॉय को ममता बेनर्जी नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार द्वारा दिया गया ‘बंग विभूषण’ अवार्ड अब भाजपा के शुभेंदु अधिकारी सरकार ने वापस ले लिया है. अनंत महाराज खुद भाजपा से राज्यसभा सांसद हैं. राज्य सरकार ने यह फैसला उनके द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के बाद लिया है.
पश्चिम बंगाल सरकार ने नागेंद्र राय उर्फ अनंत महाराज को दिए गए ‘बंग विभूषण’ सम्मान को वापस लेते हुए रद्द कर दिया है. हालिया घटनाओं और परिस्थितियों का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने कहा कि इस सम्मान को बनाए रखना इसकी गरिमा, प्रतिष्ठा और उद्देश्य के खिलाफ था, और यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
गौरतलब है कि 21 फरवरी 2026 को तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने अनंत महाराज को ‘बंग विभूषण’ सम्मान से नवाजा था. हालांकि, यह सम्मान दिए जाने के महज छह महीने के भीतर ही वापस ले लिया गया है. हाल ही में, नेताजी के संबंध में भाजपा के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज की टिप्पणियों को लेकर राज्य की राजनीति में भारी हलचल मची हुई है. इस मामले में राज्य के कई पुलिस स्टेशनों में शिकायतें भी दर्ज कराई जा चुकी हैं. वहीं, तृणमूल नेता कुणाल घोष ने उनकी राज्यसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है.
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उल्लेखनीय है कि राज्यसभा सांसद अनंत महाराज ने दावा किया था कि भारत के आजादी के संग्राम में नेताजी की कोई भूमिका नहीं थी और उन्होंने आजाद हिंद फौज का गलत इस्तेमाल किया था. उनकी इस विवादित टिप्पणी के बाद कई थाना क्षेत्रों में उनके खिलाफ लिखित शिकायतें दर्ज कराई गईं. यहां तक कि खुद भाजपा के नेताओं और मंत्रियों ने भी अपनी ही पार्टी के सांसद के खिलाफ आवाज उठाई. मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट संकेत दिए कि इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा. इस बीच, तृणमूल के कुणाल घोष ने उनकी सांसद सदस्यता रद्द करने की मांग तेज कर दी है.
13 अगस्त को ‘बंग विभूषण’ सम्मान वापस लेने के आदेश के अनुसार नागेंद्र राय उर्फ अनंत महाराज अब स्वयं को ‘बंग विभूषण’ प्राप्तकर्ता के रूप में प्रदर्शित नहीं कर सकते और न ही इस सम्मान से मिलने वाले किसी विशेषाधिकार, लाभ या पहचान का दावा कर सकते हैं. संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि ‘बंग विभूषण’ प्राप्तकर्ताओं की आधिकारिक सूची और रिकॉर्ड से उनका नाम हटाने की आवश्यक कार्रवाई की जाए.