ममता बनर्जी पर ED कार्रवाई में बाधा के आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच के दिए संकेत, अंतिम आदेश बाकी
Raisina News Desk- अगस्त 19, 2026 01:53 AM IST

नई दिल्ली:
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की I-PAC परिसर में कार्रवाई में कथित तौर पर बाधा डालने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच CBI को सौंपने के संकेत दिए हैं. हालांकि, सुनवाई के दौरान CBI जांच का अंतिम आदेश अभी दिए जाने से पहले ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से मामले के व्यापक कानूनी पहलुओं पर फैसला करने का आग्रह किया.
मामले की सुनवाई जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ कर रही थी. ED और उसके अधिकारियों ने याचिका दाखिल कर ममता बनर्जी तथा कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और जांच की मांग की है.
आरोप है कि इन लोगों ने ED की कार्रवाई में कथित रूप से बाधा डाली और पुलिस अधिकारियों ने इसमें सहयोग किया. सुनवाई की शुरुआत में ममता बनर्जी की ओर से वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने दलील दी कि सरकार बदल चुकी है, इसलिए अब राज्य पुलिस मामले की जांच कर सकती है.
इस पर जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने संकेत दिया कि परिस्थितियों में बदलाव के बाद मामला समाप्त किया जा सकता है और याचिकाकर्ता की जांच CBI को सौंपने की मांग स्वीकार की जा सकती है. उन्होंने कहा कि अदालत CBI को मामला सौंपने में सक्षम बनाएगी.
हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि ED अपनी मूल मांगों पर जोर देना चाहता है. उन्होंने कहा कि वह ऐसी स्थिति नहीं चाहते जिसमें सरकार बदलने के बाद राज्य सरकार राजनीतिक कारणों से मामले को CBI को सौंपे और बाद में ED पर भी राजनीतिक कार्रवाई के आरोप लगें.
मेहता ने अदालत से कहा कि या तो ED सही है या गलत, लेकिन इसका फैसला अदालत को करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मामले को केवल सरकार बदलने के कारण CBI को भेजे जाने से वह ऐसी स्थिति में नहीं पड़ना चाहते जहां बाद में राजनीतिक पक्षपात के आरोप लगें.