54% भारतीय पाक को और 43% पाकिस्तानी भारत को मानते हैं सबसे बड़ा खतरा, Pew Survey में खुलासा
Raisina News Desk- अगस्त 14, 2026 05:54 PM IST

पाकिस्तान ने आज यानि 14 अगस्त को और भारत कल यानि 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस समारोह मना रहे हैं. यानि दोनों पड़ोसी मुल्क आजादी के आठ दशक गुजार चुके हैं…ऐसे में अमेरिकी थिंक टैंक ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ (Pew Research Center) का एक बेहद दिलचस्प और ताजा सर्वे सामने आया है. यह सर्वे बताता है कि इतने दशकों बाद भी भारत और पाकिस्तान के आम लोगों के बीच अविश्वास की खाई कितनी गहरी है. सर्वे के मुताबिक दोनों देशों की एक बड़ी आबादी आज भी एक-दूसरे को ही अपना सबसे बड़ा दुश्मन यानी सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय खतरा मानती है.प्यू रिसर्च सेंटर ने दुनिया भर के 35 देशों में कुल 37,897 लोगों के इंटरव्यू के आधार पर यह वैश्विक रिपोर्ट तैयार की है.भारत में इस सर्वे के लिए 2,657 वयस्कों से सीधा संपर्क कर उनकी राय ली गई थी जबकि पाकिस्तान में इस अध्ययन के लिए 1,200 से अधिक वयस्कों का इंटरव्यू लिया गया था. यह सर्वे भारत में 8 फरवरी से 27 अप्रैल 2026 के बीच 3,566 वयस्कों और पाकिस्तान में 8 अप्रैल से 7 मई 2026 के बीच 1,039 वयस्कों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है.
प्यू रिसर्च के इस सर्वे के आंकड़े दोनों पड़ोसियों के बीच की कड़वाहट की पूरी कहानी बयां करते हैं. सर्वे के मुताबिक:
पाकिस्तानियों की सोच: लगभग 90% पाकिस्तानी भारत को नकारात्मक (Unfavorable) नजरिए से देखते हैं, जिनमें से 73% का मानना है कि भारत के प्रति उनका नजरिया बेहद खराब है.
भारतीयों का नज़रिया: वहीं दूसरी तरफ 78% भारतीय पाकिस्तान को नकारात्मक रूप से देखते हैं, जिनमें 65% लोग पाकिस्तान को बेहद खराब मानते हैं.
दिलचस्प बात यह भी है कि भारत में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के विचार बहुसंख्यक हिंदुओं से थोड़े अलग हैं. भारत में जहां 6% हिंदू पाकिस्तान के प्रति सकारात्मक राय रखते हैं, वहीं 21% भारतीय मुसलमान पाकिस्तान को लेकर थोड़ा बेहतर रुख रखते हैं.
जब दोनों देशों के लोगों से पूछा गया कि उनके देश के लिए सबसे बड़ा खतरा कौन है, तो भारत में 54% लोगों ने पाकिस्तान का नाम लिया. वहीं 21% भारतीयों के लिए चीन सबसे बड़ा खतरा है. दूसरी तरफ, 43% पाकिस्तानियों ने भारत को अपना सबसे बड़ा दुश्मन बताया, जबकि 24-24% पाकिस्तानियों ने इजरायल और अमेरिका को बड़ा खतरा माना. मित्र देशों और सहयोगियों को लेकर भी दोनों देशों की राय बिल्कुल जुदा है.
दुनिया की बड़ी ताकतों—अमेरिका, चीन और रूस—को लेकर दोनों देशों का नजरिया एक-दूसरे से एकदम उलट है:
1. चीन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग: पाकिस्तान में 90% लोग चीन को पसंद करते हैं और 83% लोगों को शी जिनपिंग की नीतियों पर भरोसा है. इसके उलट भारत में केवल 25% लोग ही चीन या उसके राष्ट्रपति को लेकर सकारात्मक राय रखते हैं.
2. रूस और राष्ट्रपति पुतिन: भारत की 58% जनता रूस को पसंद करती है और 51% को व्लादिमीर पुतिन पर भरोसा है. पाकिस्तान में रूस (39%) और पुतिन (32%) को लेकर किसी तरह की उत्सुकता नहीं है.
3. अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप: भारतीय जनता अमेरिका और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पाकिस्तानियों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा भरोसा जताती है.
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दोनों देशों के लोग शांति और बेहतर संबंधों की नीयत पर भी एक-दूसरे पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते. भारतीय मानते हैं कि भारत की सरकार और जनता तो अच्छे रिश्ते चाहती है, लेकिन पाकिस्तान ऐसा नहीं चाहता. ठीक यही सोच सीमा पार भी है—पाकिस्तानी मानते हैं कि उनकी तरफ से तो पहल है, लेकिन भारत रिश्ते सुधारना ही नहीं चाहता.कुल मिलाकर इस सर्वे के नतीजे यह संकेत देते हैं कि दक्षिण एशिया में शांति और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने के प्रयासों में दोनों देशों का आपसी अविश्वास सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है.
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