CJP झारखंड में क्यों नहीं दिख रही एक्टिव, क्या पूरी हो पाई छात्रों की मांगें? जानिए NDTV पर क्या बोले GEN-Z
Raisina News Desk- अगस्त 07, 2026 12:31 PM IST

झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को 13 दिन हो चुके हैं. यह प्रदर्शन JPSC और JSSC CGL जैसी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र आंदोलन कर रहे हैं, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत कई प्रदर्शनकारी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर है. इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोज जनता पार्टी CJP और छात्रों ने प्रदर्शन किया था. जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी हुआ था. छात्रों के आंदोलन को लेकर NDTV के स्पेशल शो ‘GEN-Z की महापंचायत’ में छात्रों, राजनीतिक जानकारों और पार्टी के प्रवक्ताओं ने भी अपनी राय रखी है. जिसमें अलग-अलग बातें निकलकर सामने आई हैं.
‘GEN-Z की महापंचायत’ शो में छात्रों ने कहा ‘जिस तरह से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोज जनता पार्टी एक्टिव थी. उसी तरह से झारखंड में यह पार्टी एक्टिव नहीं है. जबकि छात्रों के मुद्दे दोनों जगह एक ही तरह के हैं. GEN-Z छात्रों ने यह मुद्दा भी उठाया कि CJP धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपनी जीत मान रही है. लेकिन हमें इस मामले में यह भी देखना होगा कि छात्रों को हर मुद्दा उठाना होगा. केवल एक आंदोलन से कुछ नहीं होगा. GEN-Z छात्रों का कहना है कि पेपर लीक समेत छात्रों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना होगा. क्योंकि हर साल छात्र आंदोलन ही करत रहेंगे ?. इस शो में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता विवेक साइलस, हुडा गरिवाला और अभिजीत अय्यर मित्रा जुड़े थे. जबकि सीनियर पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी भी शामिल रहे.
सवाल- CJP की पार्टी झारखंड में क्यों एक्टिव नहीं दिख रही? देखिए क्या बोले राजनीतिक विश्लेषक@MinakshiKandwal pic.twitter.com/yq82qcLNrS
— NDTV India (@ndtvindia) August 7, 2026
छात्रों ने मुद्दा भी उठाया क्या कॉकरोज जनता पार्टी राजनीतिक पार्टी के रुप में भी सामने आएगी. इस पर GEN-Z छात्रों की अलग-अलग राय दी थी. वहीं कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि क्या आंदोलन में जब तक वॉयलेंस नहीं होगा तब तक छात्रों की मांगे नहीं मानी जाएगी.
छात्रों के आंदोलन पर महापंचायत, छात्रो ने जो मांगें की थी, क्या वो पूरी हो पाईं? जानें क्या बोले GEN-Z
@MinakshiKandwal pic.twitter.com/2eSc9D0SL2— NDTV India (@ndtvindia) August 7, 2026
जंतर-मंतर और रांची के छात्र आंदोलन में क्या फर्क है. इस पर जानकारों की अपनी-अपनी राय आई है. उनका कहना है कि यह आंदोलन एक ही तरह का है. लेकिन इसमें सोशल मीडिया का भी अहम रोल रहा है. लेकिन छात्रों को आंदोलन को आंदोलन की तरह रहना चाहिए. इसे प्रेशर कुकर नहीं बनाना चाहिए.
सवाल- जंतर-मंतर और रांची के छात्र आंदोलन में क्या फर्क है? राजनीतिक विश्लेषक का जवाब जान लीजिए@MinakshiKandwal pic.twitter.com/c3WcVwR8X4
— NDTV India (@ndtvindia) August 7, 2026
छात्रों ने एक्सपर्ट से शायरी के अंदाज में भी सवाल पूछे. एक छात्र ने कहा ‘कौन आबाद हुआ कौन बर्बाद हुआ शिक्षा के मसले में…बस एक विद्यार्थी बर्बाद हुआ परिवार के खर्चे में.’ दूसरी तरफ एक और छात्र ने कहा ‘उसी को हक इस जमाने में जीने का गालिब..जो इधर का लगता रहे और उधर का हो जाए.’ झारखंड की रीच भले ही सोशल मीडिया पर जंतर मंतर की तरह नहीं है. लेकिन उसकी पहचान तो होनी चाहिए.
GEN-Z महापंचायत में जब छात्रों ने शायरी के अंदाज में पूछे अपने सवाल@MinakshiKandwal pic.twitter.com/nEIjEA1Gdf
— NDTV India (@ndtvindia) August 7, 2026
GEN-Z छात्रों ने झारखंड, कर्नाटक और पंजाब के मुद्दे को भी उठाया है. क्योंकि इन राज्यों में भी कथित पेपर लीक को लेकर विवाद होता रहा है. छात्रों का कहना है कि पेपर लीक एक बड़ी समस्या है. इसलिए इस पर केवल एक दो राज्यों में काम करने से कुछ नहीं होगा. कुछ ऐसा करना होगा कि छात्रों को पूरी तरह से न्याय मिले और पेपर लीक पर भी पूरी तरह से रोक लगना चाहिए.
ये भी पढ़ेंः पेपर सेट करने वाले NTA एक्सपर्ट्स ने लीक किया था NEET पेपर! CBI चार्जशीट में 3 अहम किरदारों का नाम