Punjab: नशीली दवाओं के खिलाफ जन आंदोलन की जरूरत… भगवंत मान का कड़ा संदेश

Punjab: नशीली दवाओं के खिलाफ जन आंदोलन की जरूरत… भगवंत मान का कड़ा संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य भर के शीर्ष नागरिक और पुलिस प्रशासन अधिकारियों की एक विशाल सभा को संबोधित किया. यह संबोधन राज्य में मादक पदार्थों के पूर्ण उन्मूलन के लिए शुरू किए गए अभियान ‘वॉर ऑन ड्रगेज’ के तहत किया गया था. इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोरा, डॉ. बलबीर सिंह, हरदीप सिंह मुंडियन, तरुणप्रीत सिंह सौंध, डीजीपी गौरव यादव के साथ-साथ सभी जिलों के उपायुक्त (डीसी), एसएसपी, पुलिस आयुक्त और डीएसपी भी उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसे जन आंदोलन बनाना होगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नशीली दवाओं के दलदल में फंसे युवाओं को आरोपी नहीं बल्कि मरीज समझें और उनका पुनर्वास एवं उपचार करें.

मंच से एक बड़ी घोषणा की गई

कार्यक्रम के दौरान डीजीपी गौरव यादव ने फील्ड में कार्यरत सब-डिविजनल डीएसपी के लिए वाहनों की कमी का मुद्दा उठाया. इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से परामर्श करने के बाद, राज्य के सभी 117 डीएसपी (सब-डिविजन) के लिए नए वाहन खरीदने की तत्काल मंजूरी दे दी.

मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले पुलिस स्टेशन प्रमुखों और अधिकारियों के पास जर्जर वाहन हुआ करते थे, जबकि अब पंजाब पुलिस को आधुनिक वाहनों, ड्रोन रोधी तकनीकों और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके.

परविंदर झोटा हत्याकांड पर सख्त रुख

मनसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया. उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि इस घटना में शामिल आरोपियों और साजिश के पीछे किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ताओं और नशा-विरोधी आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

बदनाम करने वालों को मुंहतोड़ जवाब

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों और पराली जलाने के नाम पर जानबूझकर पंजाब को बदनाम किया जा रहा है. उन्होंने तर्क दिया कि जिस प्रकार हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी पराली जलाई जाती है, लेकिन केवल पंजाब को ही निशाना बनाया जाता है, उसी प्रकार नशीले पदार्थों के मामले में भी राज्य की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है.

केंद्र सरकार को निशाना बनाते हुए भगवंत मान ने कहा कि सीमा पर 50 किलोमीटर का दायरा बीएसएफ के नियंत्रण में है और गुजरात के कांडला बंदरगाह से हजारों किलो ड्रग्स जब्त की जाती हैं, जो सीधे केंद्रीय एजेंसियों के नियंत्रण में आता है. उन्होंने कहा कि पंजाब ने अपनी सीमा पर ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए अपने संसाधनों से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं, जिसके लिए केंद्र ने कोई वित्तीय सहायता नहीं दी है.

खेलों के जरिए युवाओं को उचित मार्गदर्शन

मुख्यमंत्री ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंजाब की जन्मभूमि में खेलों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ा जा रहा है. उन्होंने गर्व से कहा कि भारतीय हॉकी टीम के 11 खिलाड़ियों में से 9 और कप्तान हरमनप्रीत सिंह पंजाब से हैं. क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर, शुभमन गिल और बास्केटबॉल टीम के कप्तान प्रीतपाल बराड़ जैसे खिलाड़ी पंजाब का नाम रोशन कर रहे हैं. इसके अलावा, एशियन चैंपियंस हॉकी ट्रॉफी का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में किया जा रहा है.

Prev Post
Next Post