DUSU छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने 3 पदों पर जीत हासिल की, यश डबास, रिया छाबड़ी और लक्ष्य राज सिंह जीते

नई दिल्ली:

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का रिजल्ट आ गया है. DUSU छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने 3 पदों पर जीत हासिल की है. ABVP के यश डबास, रिया छाबड़ी और लक्ष्य राज सिंह जीते हैं. यश डबास अध्यक्ष पद, रिया छाबड़ी सचिव पद और लक्ष्यराज सिंह संयुक्त सचिव पद पर जीते हैं. वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बाजी मारी है.

कांग्रेस से संबद्ध भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) केंद्रीय पैनल के चार पद में से किसी पर भी जीत हासिल नहीं कर सका.

  • अध्यक्ष पद के चुनाव में 24,576 वोट हासिल करने वाले एबीवीपी के यश डबास ने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों के अंतर से हराया.
  • निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की. शौकीन को एनएसयूआई ने टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा.
  • सचिव पद के लिये चुनाव में एबीवीपी उम्मीदवार रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल किए, जबकि एनएसयूआई उम्मीदवार नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले.
  • संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के उम्मीदवार लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए, जबकि समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार विशेष यादव को 15,778 वोट मिले.

DUSU दिल्ली यूनिवर्सिटी की यूनियन है, जो एक तरह से ‘मिनी-इंडिया’ (छोटा भारत) है. यह देश की सबसे मुख्यधारा और कॉस्मोपॉलिटन (विविधतापूर्ण) यूनिवर्सिटी है.

ABVP ने कहा कि DUSU में हमारी जीत अपने आप में एक बड़ा संदेश है. इससे पता चलता है कि युवा और आगे बढ़ने की चाह रखने वाला भारत, विकास और राष्ट्रवाद की सोच से जुड़ा हुआ है. कांग्रेस ने युवाओं को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन युवा उनके झूठ के झांसे में नहीं आए. ‘झूठ की गूंज’ DU में सुनाई नहीं दी, जो कि एक ‘मिनी-इंडिया’ है. NSUI, जिसका पहले DUSU पर लंबे समय तक दबदबा था, अब ज़ीरो पर है. युवा कांग्रेस की राजनीति के तरीके के खिलाफ हैं.

माना जाता है कि नॉर्थ कैंपस में ABVP का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा. इस कैंपस में SRCC, हिंदू, हंसराज, KMC, रामजस और लॉ फैकल्टी जैसे देश के कुछ बेहतरीन कॉलेज हैं.

इस चुनाव के नतीजों से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए डूसू के केंद्रीय पैनल की तस्वीर साफ हो गई है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अभाविप, कांग्रेस से संबद्ध एनएसयूआई और अखिल भारतीय छात्र संगठन (आइसा)-स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का वाम गठबंधन देश के सबसे चर्चित छात्र संघ चुनावों में से एक में अपना वर्चस्व कायम करने की जमकर कोशिश की.

पिछले साल अभाविप ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की थी, जबकि एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद जीता था.

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