एक से ज्यादा ई-चालान आपके वाहन पर है, जानिए आपकी गाड़ी जब्त होगी या नहीं?
Raisina News Desk- अक्टूबर 02, 2026 01:50 PM IST
अगर आपकी गाड़ी का चालान कई बार कट चुका है और आप बिना भुगतान किए रास्ते पर बेफ्रिक होकर घूम रहे हैं, तो ध्यान दीजिए. यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ई-चालान की वसूली को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ हजारों-लाखों ई-चालान जारी करना काफी नहीं है, बल्कि उनके जरिए लगाए गए जुर्माने की वसूली भी सुनिश्चित करनी होगी. कोर्ट का ये फैसला एस राजसीकरण बनाम भारत संघ के मामले में सुनवाई के दौरान दिया. इससे पहले कोर्ट ने सभी चालान का डेटा मांगा था.
जिसके बाद कोर्ट के सामने रखे गए आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में जारी ई-चालानों में करीब 48,908 करोड़ रुपये की रकम वसूली के लिए बाकी थी, जबकि करीब 26,175 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी थी. अब पुराने और लगातार बढ़ते चालानों को नजरअंदाज करना वाहन मालिकों के लिए मुश्किल हो सकता है.
कोर्ट ने अब सख्त रुख अपनाया है और इसके लिए सड़क पर वाहनों की रैंडम जांच की जाएगी और अगर किसी वाहन पर बकाया ई-चालान मिला, तो उसे जब्त करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि हर ऐसे वाहन को उसके घर से उठाकर तुरंत जब्त कर लिया जाएगा. कार्रवाई उस स्थिति में हो सकती है जब वाहन जांच के दौरान सामने आता है और उस पर बकाया चालान पाया जाता है.
इसके अलावा सरकारें सिर्फ गाड़ी जब्त करने तक सीमित नहीं रहेंगी. वाहन से जुड़ी ऑनलाइन सेवाएं रोकने, फिटनेस और PUC सर्टिफिकेट पर रोक लगाने, वाहन को परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट करने और मालिकाना हक ट्रांसफर रोकने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के आने के बाद से वाहन चालकों में कई सवाल आ रहे हैं. जिसमें उन्हें ये जानना है कि आखिर किन वाहनों को ज्यादा खतरा है और कौन थोड़े सेफ जोन में हैं. बता दें, कि इस मामले में सबसे ज्यादा परेशानी उन चालकों का है, लगातार जिसका ई चालान कट रहा है और उसने चालान का भुगतान नहीं किया है, तो उनकी गाड़ी रैंडम चेकिंग के दौरान उसे जब्त किया जा सकता है. लेकिन, वहीं जिसका मामला कोर्ट में है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी.
देश में ई-चालान की संख्या लगातार बढ़ रही है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 48.60 करोड़ चालान कटे हैं, जिनमें से 18.60 करोड़ चालान का निपटारा हो चुका है, जबकि करीब 30 करोड़ चालान अभी पेंडिंग हैं. इन सभी चालानों की कुल रकम करीब 74,668 करोड़ रुपये है. इसमें से 48,908 करोड़ रुपये की रकम अभी भी बकाया है, जबकि 25,759 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है. ये रिपोर्ट 2015 से 2026 तक की है.
राज्यों की बात करें, तो उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा ई-चालान दर्ज किए गए हैं. यहां करीब 9.67 करोड़ चालान जारी हुए हैं. इन चालानों से करीब 4,424 करोड़ रुपये की रकम वसूल की जा चुकी है. यानी ई-चालान की संख्या और उससे जुड़ी रकम, दोनों के लिहाज से उत्तर प्रदेश सबसे आगे है.
ऑफिशियल ई-चालान सिस्टम में कोर्ट से जुड़े मामलों की अलग जानकारी दिखाई जाती है. मौजूदा पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक कुल 16.94 करोड़ चालान कोर्ट भेजे गए हैं, जिनमें 2.90 करोड़ मामलों का निपटारा हो चुका है और 14.04 करोड़ मामले कोर्ट में अभी भी चल रहे हैं. इसलिए किसी चालान को सिर्फ ऑनलाइन देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि वह सामान्य बकाया चालान की तरह ही है.
वहीं केवल इस साल यानी 2026 की बात की जाए, तो जनवरी से लेकर सितंबर के आखिरी तक में लगभग 8.06 करोड़ चालान कटा है. जिसमें से 1.39 करोड़ चालान निपटाए गए हैं और 6.68 करोड़ चालान अभी भी पेडिंग है. इन सभी चालान का अमाउंट 15,039 करोड़ रुपये है, जिसमें 12,615 करोड़ रुपये अभी पेडिंग है. वहीं 2,424 करोड़ रुपये का अमाउंट ही कलेक्ट किया गया है. इनमें 1.30 करोड़ मामलों को कोर्ट में भेजा गया है, जिसमें केवल 6.84 लाख केस निपटाए गए हैं वहीं1.23 करोड़ केस अभी कोर्ट में पेंडिंग हैं.