Exclusive: हमारे दरवाजे सभी देशवासियों के लिए खुले हैं… छात्रों के प्रदर्शन पर NDTV से बोले CJI सूर्य कांत
Raisina News Desk- जुलाई 24, 2026 08:51 PM IST

दिल्ली में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि हमारे दरवाजे सभी देशवासियों के लिए खुले हैं. सीजेआई ने कहा कि वह इस मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि यह मामला न्यायिक पक्ष में आ सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कहना गलत है कि सुप्रीम कोर्ट ने किसी मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया.
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा हर नागरिक के लिए 24 घंटे खुला है और अदालत किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी. उनके अनुसार, संबंधित मामले में उनके समक्ष कोई विधिवत याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी. केवल एक पत्र या आवेदन देकर तत्काल सुनवाई की मांग करना न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए निर्धारित नियम और प्रक्रिया का पालन करते हुए याचिका दायर करनी होती है. बाद में जब याचिका दाखिल हुई और उनके समक्ष उल्लेख किया गया, तो उसे स्वीकार कर लिया गया और कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
सीजेआई सूर्यकांत ने युवाओं और देश के नागरिकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि अगर किसी के साथ कोई अन्याय होता है तो सुप्रीम कोर्ट कानून की सीमाओं और प्रक्रिया के भीतर रहकर उसकी शिकायत सुनेगा और जहां तक संभव होगा, न्याय दिलाने का प्रयास करेगा. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका लोगों की समस्याओं और पीड़ा के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है.
इससे पहले सीजेआई सूर्यकांत ने शुक्रवार को उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया. सीजेआई ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी बल्कि केवल एक पत्र भेजा गया था.
अदालत में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, “यह पूरी तरह गलत बताया गया कि मामला कोर्ट में दाखिल किया गया था और मुख्य न्यायाधीश ने उसे सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया. सुबह 10 बजे तक कोर्ट में इस मामले का एक भी पन्ना दाखिल नहीं हुआ था, केवल एक प्रतिनिधित्व (पत्र) भेजा गया था. मैं उसे रिट याचिका कैसे मान सकता हूं? इसके बावजूद लोग गैर-जिम्मेदारी से खबरें चला रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “किसी मिश्रा नामक व्यक्ति ने इसका जिक्र किया. मीडिया ने गलत तरीके से रिपोर्ट किया कि मैंने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया जबकि यह सिर्फ एक प्रतिनिधित्व था. मैंने रजिस्ट्री से जांच की और पाया कि एक भी दस्तावेज दाखिल नहीं हुआ था.”