IPS अनुराग कुमार: दिल्ली पुलिस के नए बॉस का पहला 'सरप्राइज टेस्ट', सिविल लाइंस थाना पहुंचकर क्या किया?
Raisina News Desk- जुलाई 18, 2026 08:41 PM IST

Delhi Police Commissioner: 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार दिल्ली पुलिस कमिश्नर का कार्यभार संभालते ही ग्राउंड जीरो पर उतर गए हैं. पदभार ग्रहण करने के बाद दोपहर को उन्होंने पुलिस अफसरों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें उन्होंने दिल्ली को पूरी तरह ‘करप्शन फ्री’ बनाने का सख्त निर्देश दिया. इसके बाद, शनिवार शाम को वे अचानक सिविल लाइंस थाने पहुंच गए. नए बॉस को अचानक अपने बीच देखकर पुलिस थाने में पूरी तरह से खलबली मच गई.
दरअसल, वरिष्ठ आईपीएस अनुराग कुमार ने 17 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस आयुक्त की कमान संभाली थी. शनिवार शाम को वे दिल्ली के उपराज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात करने गए थे. वहाँ से लौटते समय, बिना किसी पूर्व सूचना के वे अचानक सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन जा पहुंचे. इस दौरान कमिश्नर अनुराग कुमार ने थाने में मौजूद फरियादियों से सीधे बातचीत कर उनकी शिकायतें जानीं और पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए.
आईपीएस अनुराग कुमार ने 17 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस आयुक्त की कमान संभाली. शनिवार शाम को उपराज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात की.
दिल्ली के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन पहुंचते ही कमिश्नर अनुराग कुमार सीधे जनता के बीच पहुंचे. उन्होंने थाने में अपनी शिकायत लेकर आए फरियादियों से सीधा संवाद किया. कमिश्नर ने बेहद संजीदगी से उनसे पूछा कि वे किस समस्या को लेकर थाने आए हैं और क्या पुलिस उनकी शिकायतों पर सही कार्रवाई कर रही है? इसके बाद उन्होंने पूरे पुलिस स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण किया, वहां तैनात पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनका फीडबैक लिया और फिर वहां से रवाना हो गए.
दिल्ली उपराज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात करते नवनियुक्त पुलिस आयुक्त आईपीएस अनुराग कुमार.
“दिल्ली पुलिस का करप्शन फ्री रहना बेहद जरूरी है. भ्रष्टाचार की किसी भी शिकायत पर बेहद सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी. राजधानी में दिल्ली पुलिस का इकबाल (कानून का दबदबा और साख) हर हाल में कायम रहना चाहिए.” अनुराग कुमार ने अपनी पहली उच्च स्तरीय बैठक में सभी विशेष आयुक्तों, संयुक्त आयुक्तों और डीसीपी स्तर के अधिकारियों को कड़े शब्दों में यही हिदायत दी है. इसके बाद शाम को सिविल लाइंस थाने का यह औचक निरीक्षण इस बात का साफ संकेत है कि दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर अब आम जनता को राहत देने और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसने के लिए खुद सड़कों पर उतर चुके हैं.
आईपीएस अनुराग कुमार की इसी सटीक रणनीति का असर शनिवार सुबह 18 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर भी देखने को मिला था. वहां पिछले 20 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने बेहद शांतिपूर्ण तरीके से वहां से हटाया. बिना किसी हंगामे या टकराव के, सादे कपड़ों में पहुंचे 30-35 जवानों ने पूरे मंच को सफेद चादरों से ढक दिया ताकि अनावश्यक अफरा-तफरी न मचे, और वांगचुक को सुरक्षित सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया.
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनने से पहले आईपीएस अनुराग कुमार इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर तैनात थे. राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील खुफिया मामलों में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने के कारण वे अपराध और पुलिसिंग की रग-रग से वाकिफ हैं. वे करीब 20 साल पहले दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में डीसीपी भी रह चुके हैं. लंबे समय बाद दिल्ली पुलिस में वापसी करते ही उन्होंने पहले ही दिन बड़े एक्शन से अपनी नई पारी की शुरुआत की है.
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