83 साल के दादा ने 33 साल के पोते को मार डाला, संपत्ति विवाद में हत्या के बाद रचा हादसे का नाटक
Raisina News Desk- अक्टूबर 07, 2026 04:52 PM IST
महाराष्ट्र के मशहूर पर्यटन स्थल लोनावला से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां भुशी स्थित मशहूर होटल मोतीराम के परिसर में संपत्ति और पैसों के विवाद के चलते एक 83 वर्षीय बुजुर्ग दादा ने अपने ही 33 वर्षीय सगे पोते की अपनी लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक युवक की पहचान अभय माणिक मराठे के रूप में हुई है, जो लोनावला के पूर्व नगरसेवक माणिक मराठे का बेटा था.
घटना 5 अक्टूबर की है. वारदात के तुरंत बाद आरोपी दादा और परिवार के कुछ लोगों ने मिलकर इसे एक दुर्घटना साबित करने की पूरी कोशिश की. पुलिस को बताया गया कि अपनी पुरानी लाइसेंसी राइफल साफ करते समय अचानक मिसफायर होने से अभय को गोली लग गई. शुरुआत में पुलिस ने भी इस कहानी पर विश्वास करते हुए लोनावला शहर पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ (दुर्घटनावश मृत्यु) का मामला दर्ज कर लिया था. लेकिन जब अभय के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया, तो डॉक्टरों और पुलिस को उसके पेट में लगी गोली के निशान को देखकर शंका हुई. इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदली. पुणे ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा और लोनावला शहर पुलिस की टीम ने होटल मोतीराम के कर्मचारियों और वेटर से अलग ले जाकर कड़ाई से पूछताछ की. इस पूछताछ में परिवार का बुना हुआ झूठ ताश के पत्तों की तरह ढह गया.
पुलिस जांच में यह साफ हो गया कि 83 वर्षीय मोतीराम मराठे और उनके पोते अभय मराठे के बीच पिछले काफी समय से करोड़ों रुपये की पारिवारिक संपत्ति और भारी वित्तीय लेनदेन को लेकर गंभीर मनमुटाव चल रहा था. 5 अक्टूबर को भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर तीखी बहस हुई. गुस्सा इस कदर बढ़ा कि बुजुर्ग दादा मोतीराम ने अपनी 1970-80 के दशक की पुरानी लाइसेंसी राइफल निकाली और सीधे पोते के पेट में गोली दाग दी. गंभीर रूप से घायल अभय ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
जांच में सामने आया है कि आरोपी दादा मोतीराम मराठे को 1970 और 1980 के दशक में शिकार करने का बेहद शौक था. इसी शौक के चलते उन्होंने उस समय दो राइफलों के लाइसेंस हासिल किए थे. इनमें से ही एक पुरानी लाइसेंसी राइफल का इस्तेमाल उन्होंने अपने पोते अभय मराठे की जान लेने के लिए किया.मराठे परिवार लोनावला के रसूखदार और धनी परिवारों में गिना जाता है. उनके पास लोनावला में प्राइम लोकेशन पर स्थित होटल मोतीराम सहित करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां मौजूद हैं. पुलिस के अनुसार, इसी संपत्ति के मालिकाना हक और पैसों के लेनदेन को लेकर दादा मोतीराम और पोते अभय के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी, जो आखिरकार इस खूनी अंजाम तक पहुंच गई.