खरगे के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ वाले कमेंट पर सियासी बवाल, BJP का कल देशभर में हल्ला बोल
Raisina News Desk- अक्टूबर 25, 2026 11:10 PM IST
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर सियासी विवाद बढ़ गया है. पटना में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान खरगे के बयान को बीजेपी ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बताया है. इसके विरोध में बीजेपी ने सोमवार को देशभर के सभी प्रदेश मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने खरगे की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर मर्यादा की सारी सीमाएं पार करने का आरोप लगाया है.
वहीं, पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ पटना कोतवाली में शिकायत की गई. दूसरी ओर, कांग्रेस ने सफाई देते हुए दावा किया कि खरगे की टिप्पणी प्रधानमंत्री के पिता के लिए नहीं, बल्कि बीजेपी और आरएसएस के वैचारिक नेतृत्व के संदर्भ में थी.
रविवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे. इसी बीच एक व्यक्ति ने कथित तौर पर ‘मोदी नहीं जाएगा’ कहकर नारेबाजी की. इसके जवाब में खरेगे ने कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा… बाप भी जाएगा.’
समाचार एजेंसी ANI की ओर से साझा किए गए वीडियो के मुताबिक, इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करने वाले व्यक्ति को हॉल से बाहर निकाल दिया और उसके साथ धक्का-मुक्की भी की.
खरगे ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने पीएम को ‘आदतन झूठा’ बताते हुए चुनावी वादों पर सवाल उठाए. खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सत्ता में आने के शुरुआती 100 दिनों में विदेशों से काला धन वापस लाने का वादा किया था. उन्होंने पूछा कि वह पैसा कहां है?
कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी के विरोध में बीजेपी ने सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन करने का फैसला किया है. पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सभी प्रदेश मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर खड़गे के बयान का विरोध किया जाएगा.
बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के लिए अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है. पार्टी ने इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है.
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले प्रधानमंत्री की मां के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, उन्हें ‘मौत का सौदागर’ कहा और ‘चायवाला’ बताकर उनकी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाया.
गृह मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस राजनीतिक शिष्टाचार की सीमाएं पार कर रही है. उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद लगातार चुनावी पराजयों से कांग्रेस निराश है और उसके पास जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस नीति या मुद्दा नहीं बचा है. अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियों का जनता जवाब देगी.
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी खरगे के बयान पर कांग्रेस को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर हताश है और इसी वजह से उसके नेताओं की भाषा लगातार आपत्तिजनक होती जा रही है.
भंडारी ने दिल्ली में 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की रैली का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को रैली में अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की आशंका है.
दरअसल, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने की घोषणा की है. इस रैली के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग पर बीजेपी के पक्ष में कथित चुनावी अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में है.
बीजेपी के हमलों के बीच कांग्रेस ने खरगे का बचाव किया है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि पटना के कार्यक्रम में नारेबाजी करने वाला व्यक्ति बीजेपी का कार्यकर्ता था और उसने कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण में व्यवधान डाला.
खेड़ा ने आरोप लगाया कि बीजेपी लगातार खरगे को अपमानित करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने उत्तराखंड में कथित शुद्धिकरण की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के साथ पहले भी उनकी दलित पहचान के कारण अपमानजनक व्यवहार किया गया था.
कांग्रेस नेता ने खरगे की टिप्पणी का अलग अर्थ बताते हुए कहा कि उनका इशारा प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता की ओर नहीं था. खेड़ा के मुताबिक, खरगे ने ‘बाप’ शब्द का इस्तेमाल बीजेपी के वैचारिक मार्गदर्शक आरएसएस और उसके प्रमुख मोहन भागवत के संदर्भ में किया था.
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि खरगे के साथ इस तरह की घटनाएं प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के इशारे पर हो रही हैं. हालांकि, इस आरोप के समर्थन में उन्होंने कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया.