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प्रियंका गांधी दो दिवसीय असम दौरे पर, स्क्रीनिंग बैठकों में होंगी शामिल

पार्टी नेताओं के अनुसार, प्रियंका गांधी अपने दौरे की शुरुआत कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना से करेंगी और उसके बाद असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय राजीव भवन जाएंगी।

कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों को देखने के लिए गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचेंगी।

पार्टी नेताओं के अनुसार, प्रियंका गांधी अपने दौरे की शुरुआत कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना से करेंगी और उसके बाद असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय राजीव भवन जाएंगी। वे सुबह 11 बजे से स्क्रीनिंग संबंधी बैठकों में भाग लेंगी और देर रात तक चर्चा जारी रखेंगी।

इस दौरे की औपचारिक घोषणा असम के प्रभारी एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष गौरव गोगोई द्वारा संबोधित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रियंका की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग कमेटी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के तहत ब्लॉक कांग्रेस नेताओं, फ्रंटल संगठनों के प्रतिनिधियों और जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करेगी।

उन्होंने इस पहल को राज्य में पहली बार की जा रही इस तरह की सुनियोजित स्क्रीनिंग प्रक्रिया बताया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रियंका चुनाव से पहले कई बार असम लौटेंगी ताकि जनता का मूड जान सकें और संगठनात्मक समन्वय को मजबूत कर सकें।

गोगोई ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य स्क्रीनिंग प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करना है और उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्रीय नेतृत्व के साथ परामर्श के बाद कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची का पहला चरण फरवरी के अंत तक जारी किया जा सकता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस चुनाव की तैयारियों में आगे है और पुष्टि की कि समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को निशाना बनाते हुए, गोगोई ने उन पर “हिंदू नेतृत्व” पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार खो देने का आरोप लगाया और भूमि और पशुधन सिंडिकेट से संबंधित आरोपों के मद्देनजर उनकी स्थिति पर सवाल उठाए।

उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से जुड़े हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों का भी जिक्र किया और दावा किया कि मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी कथित 12,000 बीघा जमीन जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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