ममता बनर्जी के घर के मुख्य गेट की ऊंचाई बढ़ी, पुलिस ने क्या बताया?

ममता बनर्जी के घर के मुख्य गेट की ऊंचाई बढ़ी, पुलिस ने क्या बताया?

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के मुख्य गेट की ऊंचाई बढ़ा दी गई है. अब यह गेट पहले की तुलना में लगभग दोगुना ऊंचा हो गया है. इसके पीछे की वजह सुरक्षा कारण बताए जा रहे हैं. 

बेलेघाटा से तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने कहा कि नई सरकार द्वारा ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को अचानक हटा देना पूरी तरह से अप्रत्याशित और दुर्भाग्यपूर्ण है और सच कहें तो यह चिंता का विषय है. इसके अलावा हमने देखा है कि कैसे लोग हरीश चटर्जी स्ट्रीट जो एक संकरी सड़क है पर उनके आवास के पास से गुजरते हुए नारे लगाते हैं या अपशब्द कहते हैं.

क्या बोले कुणाल घोष
उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी सड़क के बिल्कुल किनारे रहती हैं और उनके पास कोई सुरक्षा ही नहीं है. ऐसी स्थिति में अगर पुलिस ने कोई मामूली कदम उठाए भी हैं तो यह पुलिस का अपना मामला है. साथ ही कुणाल का कहना है कि पुलिस को सबसे पहले उन लोगों को पकड़ना चाहिए जो उस सड़क से गुजरते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं. 

घोष ने कहा कि असल बात तो यह है कि ममता बनर्जी को एक नेता के तौर पर उनके कद को देखते हुए जितनी सुरक्षा मिलनी चाहिए, उतनी नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के पास न के बराबर सुरक्षा है. इसके अलावा किसी का भी उस सड़क से नारे लगाते हुए और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए गुजरना बिल्कुल गलत है. पुलिस को सबसे पहले ऐसे लोगों को रोकना चाहिए लेकिन ऐसा करने के बजाय, पुलिस कुछ और ही कर रही है.

सांसद सुकांत मजूमदार का बयान
इस बारे में पूछे जाने पर सांसद सुकांत मजूमदार ने कहा, “यह उनका अपना घर है. वे रेलिंग ऊंची करें या कुछ और करें, यह पूरी तरह से उनका निजी मामला है जब तक उनके पास जरूरी अनुमति है, वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं. अगर वे एकांत में रहना चाहती हैं या धूप को अपने तक पहुंचने से रोकना चाहती हैं, तो यह उनका अपना अधिकार है. उन्हें कौन रोक रहा है?.”

ममता बनर्जी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “बंगाल ‘SIR’ (एसआईआर) घटना में हालात का शिकार बन गया है. हम पीछे नहीं हटेंगे और हम लड़ेंगे.” उन्होंने आगे कहा, “हम अपनी जान देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन अपना संघर्ष नहीं रोकेंगे. उन्होंने बंगाल को लूटा है. हम अपनी लड़ाई दिल्ली से शुरू करेंगे लूटने के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा करने और उसे बहाल करने के लिए.”

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