2 पायलट जरूरी… चमोली हादसे के बाद उड़ान के नियम सख्त, भड़के हेलिकॉप्टर ऑपरेटर्स, आज से हड़ताल की चेतावनी
Raisina News Desk- नवंबर 02, 2026 12:34 AM IST
उत्तराखंड के चार धाम मार्ग पर हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के नए दो पायलट अनिवार्य नियम के विरोध में आज से अपनी सेवाएं स्थगित करने की चेतावनी दी है. बता दें कि बद्रीनाथ से देहरादून लौटते समय जोशीमठ के पास एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत हो गई.
इस दुर्घटना के तुरंत बाद डीजीसीए ने सुरक्षा मानकों को कड़ा करते हुए निर्देश दिया कि सोमवार (आज) से चार धाम मार्ग पर उड़ान भरने वाले सभी हेलीकॉप्टरों में दो पायलट (ट्विन-पायलट) अनिवार्य होंगे.
इसके अलावा सह-पायलट (Co-pilot) का भी पहाड़ी इलाकों में उड़ान भरने के लिए योग्य (Hill-qualified) होना जरूरी किया गया. प्रत्येक उड़ान से पहले देहरादून के सहस्रधारा कंट्रोल रूम से रूट क्लीयरेंस लेना अनिवार्य किया गया. हर लैंडिंग के बाद क्रू को पायलट रिपोर्ट (PIREP) दर्ज कराने का निर्देश दिया गया.
डीजीसीए के इस आदेश के खिलाफ चार धाम मार्ग पर सेवाएं दे रहे 13 में से 11 ऑपरेटरों ने डीजीसीए प्रमुख वीर विक्रम यादव, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) को संयुक्त पत्र भेजा है.
ऑपरेटरों का कहना है कि हर उड़ान में दो पायलट तैनात करने से परिचालन लागत (Operating Cost), क्रू की संख्या, ठहरने और लॉजिस्टिक्स के खर्च में भारी बढ़ोतरी होगी. उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व परामर्श या व्यावसायिक मूल्यांकन के यह नियम लागू करना अव्यवहारिक है. सीमित मुनाफे और तय दरों के कारण यह अतिरिक्त खर्च उठाना या यात्रियों पर इसका पूरा भार डालना संभव नहीं है.
पहाड़ी इलाकों में उड़ान भरने का अनुभव रखने वाले योग्य को-पायलटों की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित करना बेहद कठिन है. ऑपरेटरों ने यह भी तर्क दिया कि उड़ान मार्गों पर ड्रोन और पैराग्लाइडिंग गतिविधियों जैसे बाहरी खतरों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय उन पर अचानक नया आर्थिक बोझ डाला जा रहा है.
ऑपरेटरों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि जब तक इस निर्देश की समीक्षा नहीं की जाती और ऑपरेटरों के साथ बातचीत करके कोई व्यावहारिक समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक वे चार धाम चार्टर सेवाएं स्थगित रखेंगे. अगर प्रशासन और ऑपरेटरों के बीच बातचीत से सहमति नहीं बनती, तो चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर आवाजाही पूरी तरह ठप हो सकती है.