सुवेंदु अधिकारी के गढ़ में विजय की एंट्री: क्या पूरब में चमकेगा थलापति का जादू? बंगाल में खुला TVK का दफ्तर

सुवेंदु अधिकारी के गढ़ में विजय की एंट्री: क्या पूरब में चमकेगा थलापति का जादू? बंगाल में खुला TVK का दफ्तर

तमिलनाडु की सत्ता पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अब राष्ट्रीय फलक पर अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. थलापति विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (टीवीके) ने दक्षिण से सीधे पूरब का रुख करते हुए पश्चिम बंगाल की धरती पर पहला सियासी कदम रख दिया है. राज्य के पूर्व बर्धमान जिले में पार्टी का पहला दफ्तर शुरू होते ही यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि क्या दक्षिण का यह सुपर सितारा अब बंगाल में ममता बनर्जी और उनको सत्ता से बेदखल करने वाले भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी को सीधी चुनौती देने की तैयारी में है.

बर्धमान की रेनेसां टाउनशिप के पास खुला यह दफ्तर पूरे पश्चिम बंगाल में टीवीके के विस्तार का मुख्य केंद्र बनेगा. पार्टी ने बंगाल में अपने पैर जमाने के लिए सीधे जनसेवा और आम जनता के साथ जमीनी जुड़ाव का वही फार्मूला अपनाया है, जिसने तमिलनाडु में विजय को भारी जनादेश दिलाया था. टीवीके कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों के स्थानीय संकटों को समझने और जरूरतमंदों की सीधी मदद करने के अभियान में जुटेंगे.

सुवेंदु अधिकारी के प्रभाव वाले क्षेत्रों के करीब टीवीके की यह सक्रियता राज्य के पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे सकती है. हालांकि पार्टी अभी अपना ध्यान सामाजिक सरोकारों और संगठन विस्तार पर केंद्रित बता रही है, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे 2026 के बाद बंगाल के सियासी मैदान में एक नए क्षेत्रीय विकल्प के उभार की ठोस शुरुआत मान रहे हैं.

पार्टी नेताओं ने कहा कि CM विजय ने समाज सेवा के जरिए तमिलनाडु में लोगों के साथ पहले ही मजबूत जुड़ाव बना लिया है. अब, उनका संगठन बंगाल में भी इसी तरह का तरीका अपनाना चाहता है – लोगों के घरों तक पहुंचना, उनकी समस्याओं को समझना और जरूरत पड़ने पर उनके साथ खड़े रहना.

TVK की पश्चिम बंगाल राज्य कोऑर्डिनेटर, चैताली रॉय ने कहा कि अभी मुख्य फोकस समाज सेवा पर होगा. उन्होंने कहा, “विजय थलापति लंबे समय से तमिलनाडु में समाज सेवा के ज़रिए लोगों तक पहुंच रहे हैं. अलग-अलग लोगों की समस्याओं को जानना, जरूरत के समय उनके साथ खड़े रहना और समाज कल्याण के कामों के ज़रिए लोगों से रिश्ते बनाना, उस काम का एक हिस्सा था. संगठन बंगाल में भी उसी अनुभव का इस्तेमाल करना चाहता है.”

चैताली के अनुसार, कोई संगठन सिर्फ़ ऑफ़िस खोलने या सदस्य बनाने से नहीं बन सकता. उन्होंने कहा कि सबसे पहले लोगों से मिलना और उनके लिए उपलब्ध रहना जरूरी है. रॉय ने आगे कहा, “सिर्फ़ ऑफिस खोलने या सदस्य जोड़ने से संगठन को मज़बूत नहीं किया जा सकता. आपको आम लोगों से संपर्क बनाना होगा, उनकी बातें सुननी होंगी और उनकी समस्याओं को समझना होगा. अगर कोई व्यक्ति या परिवार मुश्किल में है, तो हमें हर संभव तरीके से उनकी मदद करने की कोशिश करनी चाहिए. हम लोगों के साथ इस सीधे संवाद के ज.रिए संगठन में भरोसा पैदा करना चाहते हैं.”

पार्टी का दावा है कि बंगाल में लगभग दो महीने से समाज सेवा का काम चल रहा है. बर्धमान के अलावा, दूसरे जिलों में भी काम शुरू हो गया है. रॉय ने कहा, “हाल ही में पार्टी ने मालदा में व्हीलचेयर बांटीं. बीरभूम, मुर्शिदाबाद, हावड़ा और कोलकाता समेत कई जिलों के सदस्य अब संगठन से जुड़ रहे हैं.” TVK के बंगाल कोऑर्डिनेटर ने कहा, “उद्यमी बर्धमान में बने इस ऑफिस को सिर्फ एक और पार्टी ऑफ़िस के तौर पर नहीं देख रहे हैं. वे इसका इस्तेमाल अलग-अलग जिलों से विजय थलापति के समर्थकों को समाज सेवा के लिए एक साथ लाने और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचने के केंद्र के तौर पर करना चाहते हैं. बर्धमान से शुरू करके, धीरे-धीरे संगठन को दूसरे जिलों में भी फैलाने की योजना है.”

इस सवाल पर कि क्या TVK भविष्य में राज्य में चुनावी मैदान में उतरने की सोच रही है, पार्टी ने कहा कि वह चुनावी योजनाओं की घोषणा करने के बजाय लोगों से जुड़ने पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा, “वह फैसला अभी नहीं लिया जा रहा है. पार्टी से जुड़े सभी फैसले – जैसे कि क्या वह बंगाल में चुनाव लड़ेगी और कब राजनीतिक गतिविधियाँ शुरू करेगी – तमिलनाडु में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही लेगा.”

TVK नेता ने कहा कि सक्रिय राजनीति में उतरने से पहले, बंगाल के लोगों की प्रतिक्रिया जानना और संगठन के उद्देश्यों को लोगों तक पहुंचाना जरूरी है. रॉय ने कहा, “अभी लक्ष्य चुनावी मैदान नहीं, बल्कि लोगों के घर तक पहुंचना है. जिस तरह विजय थलापति ने तमिलनाडु में समाज सेवा के जरिए लोगों तक पहुंच बनाई, TVK बंगाल में भी उसी रास्ते पर चलना चाहती है. अभी पूरा ध्यान बंगाल के लोगों को समझने और जमीनी स्तर पर नेटवर्क बनाने पर है.”

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