कर्ज में डूबे नौसिखिए अपराधियों की साजिश; जयपुर में नकली पिस्तौल और किचन वाले चाकू से CA का अपहरण, 3 गिरफ्तार
Raisina News Desk- सितंबर 19, 2026 01:50 PM IST

जयपुर:
जयपुर पुलिस ने एक चर्चित अपहरण और फिरौती मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक चार आरोपियों ने कर्ज चुकाने के लिए एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को निशाना बनाया था और उससे फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी. आरोपियों ने वारदात में नकली पिस्तौल और किचन में इस्तेमाल होने वाली चाकू का प्रयोग किया. इससे पहले भी उन्होंने इसी तरह की वारदात करने की कोशिश की थी, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण पीछे हट गए थे. 1,000 से अधिक CCTV कैमरों की जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद जयपुर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही.
जयपुर दक्षिण के डीसीपी राजर्षि राज के अनुसार, मामले की जांच के लिए अशोक नगर थाना पुलिस, जिला विशेष टीम (DST) और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई थी. पुलिस ने जांच के दौरान चार आरोपियों की पहचान की, जिनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है. चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
#WATCH | Jaipur, Rajasthan: On an abduction case, DCP, South Jaipur Rajarshi Raj says, “… A special team comprising Ashok Nagar Police, DST and the Cyber Cell was formed to investigate the case. Police have arrested three of the four accused, who planned the crime to demand… pic.twitter.com/3NCjIgZB9Z
— ANI (@ANI) September 19, 2026
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव के कारण इस अपराध की योजना बनाई थी. जांच में सामने आया कि आरोपियों का मकसद किसी व्यक्ति का अपहरण कर उससे फिरौती मांगना था, ताकि प्राप्त रकम से अपने कर्ज चुका सकें. पुलिस का कहना है कि इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं.
जयपुर पुलिस द्वारा इस घटना के संबंध में की गई पोस्ट
Photo Credit: Jaipur Police
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के दौरान आरोपियों ने एक नकली पिस्तौल और रसोई में इस्तेमाल होने वाला चाकू इस्तेमाल किया था. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कुछ दिन पहले भी इसी तरह की एक वारदात को अंजाम देने की कोशिश की थी, लेकिन वहां भीड़ अधिक होने की वजह से उन्होंने अपना इरादा बदल दिया था.
पुलिस के अनुसार, इसी महीने जयपुर में कथित अपहरण की एक घटना सामने आई थी. आरोपियों ने एक व्यक्ति को निशाना बनाया था और उससे फिरौती मांगने की योजना बनाई थी. हालांकि घटना के दौरान पीड़ित किसी तरह उनके चंगुल से निकलने में सफल रहा. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर व्यापक जांच शुरू की.
मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर तकनीकी जांच की. जांच अधिकारियों ने शहर के विभिन्न इलाकों में लगे 1,000 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया. इसके जरिए आरोपियों की आवाजाही और गतिविधियों का पता लगाया गया. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र और साइबर विश्लेषण की मदद से संदिग्धों तक पहुंच बनाई.
यह मामला अशोक नगर थाने में दर्ज किया गया था. पुलिस ने घटना के बाद कई टीमों को जांच में लगाया और आरोपियों की गतिविधियों का पूरा क्रम खंगाला. जांच के दौरान CCTV फुटेज के अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी साक्ष्यों को भी जुटाया गया.
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फरार आरोपी की क्या भूमिका थी और क्या यह गिरोह पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है. गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है.