तेजस्वी यादव 'गायब'…तेज प्रताप अरेस्ट, कैसे बड़े भाई लूट ले गए महफिल
Raisina News Desk- जुलाई 26, 2026 03:21 PM IST

दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरु हुआ छात्र आंदोलन देखते ही देखते देश के दूसरे राज्यों तक चला गया. बिहार में भी छात्रों ने नीट पेपर लीक के विरोध में राजधानी पटना से लेकर अलग-अलग जिलों में विरोध प्रदर्शन किया. इस आंदोलन के बाद विपक्षी दल भी पूरी तरह से सक्रिए नजर आए. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत दूसरे नेता सड़क से संसद तक एक्टिव रहे. वहीं बिहार में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी के प्रमुख चेहरे तेजस्वी यादव इस पूरे घटनाक्रम के दौरान खामोश नजर आए. जबकि इसके उलट उनके बड़े भाई और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक इस मुद्दे को आक्रामक तरीके से उठाया. इस पूरी राजनीतिक उठापटक का सबसे नाटकीय मोड़ तब आया जब पुलिस ने तेज प्रताप को हिरासत में ले लिया और बाद में उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया. ऐसे में वह चर्चा में बने हुए हैं.
बिहार की राजनीति में विपक्ष के प्रमुख चेहरे तेजस्वी यादव का छात्रों के इस बड़े आंदोलन के दौरान मौन और गायब रहना राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. बताया जा रहा है कि वह विदेश प्रवास पर है. क्योंकि छात्र आंदोलन के साथ-साथ वह बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान भी एक्टिव नहीं थे. ऐसे में छात्रों के सुलगते मुद्दों को लेकर जहां बिहार में जमकर प्रदर्शन हुआ. उसमें तेजस्वी का एक्टिव न रहना उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को उन पर सवाल उठाने का मौका जरूर दे दिया है.
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एक तरफ तेजस्वी यादव इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम से गायब थे, लेकिन दूसरी तरफ तेज प्रताप यादव जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष ने इस पूरे प्रकरण में पूरी तरह से आक्रामकता दिखाई. उन्होंने यह मौका पूरी तरह से लपका. तेज प्रताप यादव ने न सिर्फ छात्रों की मांगों का खुलकर समर्थन किया, बल्कि लगातार सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर भी अपनाए रखे. उन्होंने सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक छात्रों की आवाज को बुलंद किया. तेज प्रताप ने राजधानी पटना में भी प्रदर्शन किया और जमकर छात्रों के समर्थन में नीट पेपर लीक के मुद्दे को उठाया.
छात्रों के समर्थन में मुखर होने का सिलसिला तब और तेज हो गया जब प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई के बीच शनिवार पटना पुलिस ने तेज प्रताप यादव को अरेस्ट कर लिया. कानूनी प्रक्रियाओं के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया है.
बिहार में लालू यादव के दोनों भाई तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव फिलहाल दोनों चर्चा में हैं. क्योंकि छात्रों के आंदोलन ने बिहार की राजनीति में एक दिलचस्प नैरेटिव सेट कर दिया है. क्योंकि दूसरे विपक्षी नेताओं को देखते हुए तेजस्वी यादव से जिस आक्रमकता की उम्मीद की जा रही थी, उनमें दिखी नहीं. लेकिन आरजेडी से अलग दल बनाने वाले तेज प्रताप यादव ने सीधे तौर पर जमीन पर उतारकर बड़ा दांव खेल दिया. जेल जाने के बाद तेज प्रताप यादव इस आंदोलन के केंद्रीय बिंदु बन गए हैं. राजनीतिक जानकारों का भी मानना है कि भले ही तेजस्वी यादव सबसे चर्चित हैं, लेकिन इस बार के घटनाक्रम में तेज प्रताप ने राजनीतिक जमीन पर जिस तरह से पहल की है. वह दिलचस्प हो गया है.
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