दिल्ली पुलिस के CCTV में हिंसा की पूरी तस्वीर! 100 वीडियो में क्या-क्या दिखा?
Raisina News Desk- जुलाई 27, 2026 07:55 PM IST

दिल्ली पुलिस का दावा है कि 20 और 22 जुलाई को हुई हिंसा से जुड़े करीब 100 CCTV वीडियो जांच का हिस्सा हैं. पुलिस के मुताबिक, इन वीडियो में प्रदर्शनकारियों की कई गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं. फुटेज में कथित तौर पर भीड़ को सुरक्षा घेरा तोड़ते, पुलिस पर हमला करते, पथराव करते और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वीडियो में प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों पर हमला करते हुए, पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ते हुए और पुलिस पर जमकर पथराव करते हुए देखा गया है. पुलिसकर्मियों पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल करते हुए. कई वाहनों को पलटते हुए देखा गया. पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए और पुलिस की गाड़ियों में बैठे पुलिसकर्मियों पर हमला करते हुए देखा गया है. इसके अलावा रास्ते में दुकानों और अन्य संपत्तियों में तोड़फोड़ करते हुए और निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) का उल्लंघन करते हुए दिखाया गया है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कई वीडियो में पुलिसकर्मियों पर सीधे हमले दिखाई देते हैं. एक घायल महिला पुलिसकर्मी को मौके से ले जाते हुए, संसद मार्ग पर एक पुलिसकर्मी को घेरकर पीटते हुए.
Photo Credit: PTI
22 जुलाई के वीडियो में इंस्पेक्टर नंदकिशोर पर हमला. एसीपी विवेक भगत के साथ मारपीट. संसद मार्ग पर दोबारा पथराव. पुलिसकर्मियों और RAF के जवानों पर हमला.
वीडियो में कथित आपत्तिजनक बयान
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों के कथित बयान भी रिकॉर्ड हुए हैं. इनमें कनॉट प्लेस में एक युवती द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी. संसद मार्ग पर एक व्यक्ति द्वारा संसद को लेकर भड़काऊ बयान. एक युवती द्वारा फिल्मी डायलॉग बोलते हुए पुलिसकर्मियों का मजाक उड़ाना. एक महिला द्वारा पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करना.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हिंसा में करीब 200 पुलिसकर्मी घायल हुए. 15 पुलिस वाहनों और अन्य गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई. 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी भी घायल हुए. यह सभी वीडियो अब जांच का हिस्सा हैं और पुलिस का कहना है कि इनकी मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
नोट: यह पूरा विवरण दिल्ली पुलिस के दावों और जांच में शामिल CCTV फुटेज के आधार पर तैयार किया गया है।