पुतिन, रामाफोसा, शी जिनपिंग, पेजेश्कियान… ब्रिक्स समिट में आ रहे किस दिग्गज का किसने किया स्वागत
Raisina News Desk- सितंबर 11, 2026 05:53 PM IST

नई दिल्ली:
ब्रिक्स समिट का आयोजन दिल्ली में होने वाला है. उससे पहले रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के नेताओं का भारत पहुंचना शुरू हो गया है. व्लादिमीर पुतिन आज सुबह ही दिल्ली आ गए तो वहीं साउथ अफ्रीका के नेता सिरिल रामाफोसा भी आ गए. 12 और 13 सितंबर को होने वाली ब्रिक्स समिट से इतर पीएम नरेंद्र मोदी कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से द्विपक्षीय मुलाकात भी करेंगे. आइए जानते हैं, किन नेता का स्वागत करने कौन पहुंचा…
व्लादिमीर पुतिन: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच गए हैं. उनका विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने दिल्ली पहुंचने पर स्वागत किया. पुतिन और नरेंद्र मोदी के बीच आज द्विपक्षीय मीटिंग होने वाली है. इस दौरान ब्रह्मोस को लेकर भी समझौता होने की उम्मीद है.
शी जिनपिंग: चीन के नेता शी जिनपिंग शनिवार को ही भारत पहुंचेंगे. वह ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए 7 साल बाद भारत आ रहे हैं. 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद कई साल तक दोनों देशों के रिश्तों में रहा तनाव अब कम होता दिख रहा है. इसी के मद्देनजर यह यात्रा अहम है. चीन और रूस दोनों ही भारत के साथ ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य देश हैं.
सिरिल रामाफोसा: ब्रिक्स के संस्थापक सदस्यों में से एक साउथ अफ्रीका भी है. राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं. उनकी अगवानी के लिए मोदी सरकार में मंत्री जयंत चौधरी एयरपोर्ट पर पहुंचे. वह पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय मीटिंग में भी शामिल होंगे.
ईरानी राष्ट्रपति का शांतनु ठाकुर ने स्वागत किया
मसूद पेजेश्कियान: ईरान भी ब्रिक्स का हिस्सा है और वह 2024 में इसमें शामिल हुआ था. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान अमेरिका और इजरायल से तनाव के बीच भारत आए हैं. अहम बात यह है कि ईरान का कट्टर प्रतिद्वंद्वी सऊदी अरब भी इस अलायंस का हिस्सा है. पेजेश्कियान का स्वागत करने शांतनु ठाकुर एयरपोर्ट पर पहुंचे.
अब्देल फतह अल-सीसी: मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सीसी भी शुक्रवार की शाम को पालम एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे. इससे पहले वह 2023 में भारत दौरे पर आए थे. वह भारत के गणतंत्र दिवस समारोह का भी तब हिस्सा बने थे. मिस्र भी ब्रिक्स के नए सदस्य बने देशों में से एक है.
प्रबावो सुबियांतो: इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो भी आज शाम को ही भारत पहुंचने वाले हैं. अब तक की जानकारी के अनुसार वह रात 9 बजे पालम एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे. उनका भारत के साथ कनेक्शन महत्वपूर्ण है. वह भारत के साथ इंडोनेशिया के सभ्यतागत संबंधों को हमेशा से याद करते रहे हैं.
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अबिय अहमद अली: इथियोपिया के पीएम अबिय अहमद अली भी ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं. उनकी पीएम नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय मुलाकात भी होगी. अहमद अली ने अप्रैल 2018 में इथियोपिया के पीएम के तौर पर पद संभाला था.
अनवर इब्राहिम: मुस्लिम बहुल देश मलयेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम भी भारत पहुंच रहे हैं. उनकी पीएम नरेंद्र मोदी के साथ भी मीटिंग होगी.
प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद: सऊदी अरब की ओर से ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद भारत आए हैं.
शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान: अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद भी इस समिट का हिस्सा होंगे. उनकी पीएम मोदी से भी मीटिंग होनी है. उनके पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अच्छे संबंध रहे हैं. इससे पहले वह एआई समिट में हिस्सा लेने के लिए फरवरी 2026 में भी भारत आ चुके हैं.
माउरो विएरा: ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा भी भारत आ गए हैं. उनका दिल्ली पहुंचने पर भारत के समकक्ष एस. जयशंकर ने स्वागत किया.
इन नेताओं के अलावा युगांडा, नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति भी भारत आ रहे हैं. इसके अलावा क्यूबा के विदेश मंत्री और बेलारूस के विदेश मंत्री भी मौजूद रहेंगे. वियतनाम के पीएम ले मिन्ह हुंग भी इसका हिस्सा बनने वाले हैं. कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट टोकाएव भी इस आयोजन में रहेंगे. बता दें कि ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य भारत, रूस, चीन, ब्राजील और साउथ अफ्रीका ही थे. लेकिन 2024 में इसका विस्तार हुआ था. तब सऊदी अरब, ईरान, यूएई, मिस्र, इंडोनेशिया और इथियोपिया को भी एंट्री मिली थी. इसके बाद बीते साल ही बेलारूस, बोलिविया, कजाखस्तान, क्यूबा, मलयेशिया, नाइजीरिया, थाइलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम भी इसमें शामिल किए गए थे.