ममता का समर्थन, कांग्रेस कैंडिडेट अरेस्ट, राहुल के आरोप… फिर BJP ने दिखाए सबूत, नंदीग्राम का दिनभर का ड्रामा
Raisina News Desk- सितंबर 19, 2026 04:57 AM IST

कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से सियासत गरमा गई है. कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी को ‘राजनीतिक बदला’ करार दिया है. वहीं, अब बीजेपी ने दावा किया है कि कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान के खिलाफ 4 बार अरेस्ट वारंट जारी किया गया था. बीजेपी ने अरेस्ट वारंट की तस्वीरें बतौर सबूत पेश की हैं.
सीएम शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे से खाली हुई नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं. इस उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी की पार्टी ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था. हालांकि, संचिता ने बाद में सीएम शुभेंदु से मुलाकात के बाद उम्मीदवारी वापस ले ली थी.
इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को ही समर्थन देने का ऐलान किया. लेकिन कुछ देर बाद ही कांग्रेस उम्मीदवार को गिरफ्तार कर लिया गया.
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कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर लोकसभा ने नेता विपक्ष राहुल गांधी ने ‘राजनीतिक बदले’ का आरोप लगाया.
राहुल ने X पर पोस्ट किया, ‘नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है – लोकतंत्र की हत्या है. BJP का निष्पक्ष चुनाव में भरोसा ही नहीं. इसलिए कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी से सत्ता बचाना चाहती है.’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताया. उन्होंने X पर लिखा कि ‘नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी वोट और चुनाव की चोरी करने की एक बेशर्म कोशिश है. बीजेपी इतनी डरी हुई है कि उपचुनाव में भी वह विपक्षी उम्मीदवार को निशाना बनाने और गिरफ्तार करने के लिए एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है.’
वहीं, ममता बनर्जी ने भी इसे लोकतंत्र के खिलाफ सोची-समझी साजिश करार दिया. ममता ने कहा कि इंडिया गठबंधन की एकजुटता से घबराकर पुराने मामलों का सहारा लिया जा रहा है ताकि नंदीग्राम में मुकाबला होने से पहले ही विपक्ष को कमजोर किया किया जा सके. उन्होंने इस मामले में बीजेपी पर सत्ता का दुरुपयोग भी बताया है.
वहीं, बीजेपी ने इस पूरे मामले पर कांग्रेस को घेरते हुए दावा किया कि मिलन प्रधान के खिलाफ 4 अरेस्ट वारंट पेंडिंग थे, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है.
बीजेपी ने बकायदा चारों अरेस्ट वारंट की तस्वीरें भी सबूत के तौर पर दिखाई हैं. इसमें तीन मामले हत्या से जुड़े हैं और चौथा मामला आर्म्स एक्ट से जुड़े अपराधों का है.
बताया जा रहा है कि टीएमसी उम्मीदवार ने कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पेंडिंग वारंट पर कार्रवाई की गई.
बीजेपी का सवाल है कि अगर कार्रवाई पेंडिंग वारंट के आधार पर की गई थी, तो कांग्रेस असल तथ्यों पर बात किए बिना इसे राजनीतिक बदले की भावना कैसे कह सकती है?
बीजेपी का कहना है कि कानून का राज सिर्फ इसलिए ‘राजनीतिक बदला’ नहीं बन सकता, क्योंकि यह कांग्रेस उम्मीदवार से जुड़ा है. बीजेपी का कहना है कि ‘राजनीतिक बदला’ और ‘लोकतंत्र की हत्या’ का आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को इन सवालों के जवाब देना चाहिए.
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को भले ही गिरफ्तार कर लिया गया हो, लेकिन उनके चुनाव लड़ने पर रोक नहीं लगी है. वह अभी भी कांग्रेस उम्मीदवार हैं और कानूनन चुनाव लड़ सकते हैं.
जेल में रहकर चुनाव लड़ने पर कोई पाबंदी नहीं है. अगर कोई व्यक्ति जेल में है या न्यायिक हिरासत में है, तब भी वह चुनाव लड़ सकता है. बशर्ते उसे किसी मामले में दोषी करार न दिया गया हो.
दोषी करार दिए जाने के बाद भी अगर सजा 2 साल से कम है तो भी चुनाव लड़ा जा सकता है.
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