रांची आंदोलन: छात्रों और सरकार के बीच आज दूसरे दौर की बातचीत, डबल गेम का आरोप लगा रहे प्रोटेस्टर्स

रांची:

झारखंड के रांची छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है. आंदोलन आज 16वें दिन में प्रवेश कर गया है. आज का दिन आंदोलन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. यह प्रोटेस्ट JPSC, JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले हो रहा है. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भूख हड़ताल पर बैठे हैं. देवेंद्र नाथ महतो और छात्रों की डेलिगेशन टीम सरकार द्वारा बनाई गई हाई-लेवल कमेटी ने आज यानी 9 अगस्त को दिन में 12:30 PM बजे रांची के मोराबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में मिलेगी.

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे छात्रों को सरकार की उच्चस्तरीय कमेटी आज दूसरी बार वार्ता के लिए बुलाई है. इससे पहले सरकार और छात्रों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही थी. 

अब सबकी नजर आज यानी रविवार को होने वाली दूसरी दौर की वार्ता पर है. क्या सरकार और छात्रों के बीच इस बार सहमति बन पाएगी? क्या आंदोलन खत्म कराने की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकलेगा? या फिर छात्रों का आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा? 

सरकार पर डबल गेम खेलने का आरोप

पिछले 15 दिनों से रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों से एनडीटीवी ने बातचीत की. छात्रों में काफी नाराजगी है. छात्रों का कहना है कि सरकार डबल गेम खेल रही है. आंदोलन हम कर रहे हैं लेकिन सरकार बातचीत एनएसयूआई और जेएमएम के स्टूडेंट यूनियन से कर रही है. इसको लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने विरोध किया था. आंदोलन कर रहे छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार हमारी बात नहीं मानती है, तो हम 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करेंगे.

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जेपीएससी और जेएसएससी रिफॉर्म मंच के एक सदस्य ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा, “सरकार की तरफ से आधिकारिक रूप से अभी नहीं बुलाया गया है लेकिन सुनने में आया है कि सरकार वार्ता करेगी. अगर ऐसा होता है, तो हम लोग वार्ता करेंगे. अगर दूसरी वार्ता होगी, तो मांग पर ही होगी. देखा जाएगा कि कितनी मांगे पूरी होंगी. अगर सभी मांगें पूरी नहीं होंगी तो हम आंदोलन खत्म नहीं करेंगे, हमारा आंदोलन अनिश्चितकालीन है.”

एक अन्य छात्र कहते हैं कि हम वार्ता के लिए तैयार हैं, सरकार पर निर्भर करता है कि वो हमारे साथ वार्ता करना चाह रही है या नहीं. सरकार की मंशा पर सवाल उठता है. अगर सरकार वार्ता के लिए सीरियस है, तो हम लोगों से बात करे. अलग-अलग छात्र संगठनों से बात करने की कोई वजह नहीं बनती है. ऐसा करके वक्त क्यों खराब किया जा रहा है. जिनसे बात करनी चाहिए, उनसे बात करिए. जिन छात्र संगठनों की कोई भूमिका नहीं है, उनसे क्यों बातचीत की जा रही है. उनका भी नैतिक समर्थन हम लोगों के पक्ष में है, तो आप हमसे ही क्यों नहीं बात कर रहे हैं. 

छात्रों की क्या मांगें हैं?

छात्रों की बड़ी मांगों में 14वीं JPSC PT परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच, परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने और JPSC-JSSC की भर्ती प्रक्रिया में रिफॉर्म शामिल है. छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC PT परीक्षा को लेकर उठे सवालों के मामले में CBI जांच, परीक्षा रद्द, रिफॉर्म जैसे मुद्दे शामिल हैं.

आज की वार्ता इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इस बार आंदोलन से जुड़े दोनों मंचों के प्रतिनिधि एक साथ सरकार के सामने अपनी मांग रखेंगे. ऐसे में सरकार के सामने छात्रों के सवालों का स्पष्ट जवाब देने और आगे की कार्रवाई का रोडमैप रखने की चुनौती होगी.

सबसे बड़ा कयास यही लगाया जा रहा है कि क्या सरकार कोई ठोस प्रस्ताव रखकर आंदोलन खत्म कराने की दिशा में कदम बढ़ाएगी, या फिर छात्रों को सिर्फ आश्वासन ही मिलेगा? अगर आज की बैठक में मांगों पर लिखित आश्वासन, जांच की समयसीमा या परीक्षा को लेकर कोई साफ फैसला सामने आता है, तो यह आंदोलन के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट हो सकता है.

वहीं, अगर वार्ता एक बार फिर बिना ठोस नतीजे के खत्म होती है, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना बढ़ सकती है.

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