'राहुल और अखिलेश अंकल…', बुआ के एक भतीजे ने दूसरे भतीजे को 'अंकल' क्यों कहा?

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) के नेशनल कोऑर्डिनेटर और मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने बीजेपी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में एक साथ हमला किया है. आकाश आनंद ने एक तरफ जहां बीजेपी, सपा और कांग्रेस तीनों पर चौतरफा हमला बोला, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को ‘राहुल अंकल’ और ‘सम्मानित अखिलेश अंकल’ कहकर संबोधित किया. 

आकाश आनंद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी की नीतियां कई मामलों में बीजेपी जैसी ही हैं.

उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी के बीच नीतिगत समानता को लेकर सवाल खड़े किए और विपक्षी दलों की राजनीति पर कटाक्ष किया. 

राहुल-अखिलेश यादव को ‘अंकल’ क्यों कहा?

अखिलेश यादव की उम्र का जिक्र करते हुए आ    काश आनंद ने कहा कि उनकी उम्र करीब 30 साल है, जबकि अखिलेश यादव 50 साल के हैं. ऐसे में उन्हें ‘अंकल’ कहना स्वाभाविक है.  इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी के संबोधन के लिए भी अंकल शब्द का इस्तेमाल किया.

आकाश आनंद की तरफ से राहुल गांधी और अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहने का सबसे बड़ा मकसद खुद को यूपी की राजनीति में एक युवा और नई सोच वाले चेहरे के तौर पर स्थापित करना है.

इस संबोधन के जरिए आकाश आनंद युवाओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि विपक्षी पार्टियों के जो नेता खुद को युवा चेहरा बताकर राजनीति कर रहे हैं, वे असल में उम्र के उस पड़ाव पर हैं जहां नई पीढ़ी उन्हें ‘अंकल’ मानती है. 

बीजेपी पर साधा निशाना

आकाश आनंद ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि लॉ एंड ऑर्डर की बात करें तो भाजपा की यूपी सरकार अव्वल नंबर पर रही हत्याओं के मामले में पिछले 10 साल में यूपी में सबसे ज्यादा हत्या हुई हैं. इनके मुख्यमंत्री खुद को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट बताते हैं. कानून के राज का ढिंढोरा पीटते रहे जबकि उनकी नाक के नीचे पूरे प्रदेश में हत्याएं होती रही. 



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