बांग्लादेश की कमान प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने संभाल ली है। इसके साथ ही देश की छवि को लगातार खराब कर रहे भीड़तंत्र पर नकेल कसने की तैयारी सरकार ने कर ली है। देश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने मीडिया से बातचीत में सरकार की मंशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि “मॉब कल्चर” किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बांग्लादेश में यह अब बंद होना चाहिए।
द डेली स्टार ने बताया कि गृहमंत्रालय के सर्वेसर्वा ने अपने कार्यालय के पहले दिन अधिकारियों के साथ बैठक की और उसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपद्रवी को चेतावनी दी। सलाहुद्दीन ने कहा कि डेमोक्रेटिक अधिकार बने रहेंगे, लेकिन गैर-कानूनी कामों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “मैंने खास तौर पर कहा है कि बांग्लादेश में मॉब कल्चर खत्म होना चाहिए। मॉब कल्चर को किसी भी तरह से बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।”
रहमान सरकार की अगुवाई में अब लोगों को रैलियों और सभाओं के साथ ही अपनी मांगों को सही तरीके से रखने का अधिकार होगा।
उन्होंने कहा, “सभी कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके अपनाए जाएंगे लेकिन मांगें पूरी करने के नाम पर हाईवे और सड़कों को जाम करना—यह मॉब कल्चर जारी नहीं रहेगा। मैं यह साफ कर रहा हूं।”
ढाका ट्रिब्यून ने पुलिस की साख को फिर से बनाने के उनके प्रण का उल्लेख किया। गृहमंत्री ने कहा कि पुलिस और दूसरी एजेंसियों को अपनी खोई साख फिर से बनानी होगी। बोले, “हमारी पुलिस, और यहां कई दूसरे संगठन और एजेंसियां, नाकाफी हैं। अब मैं कह रहा हूं कि पुलिस को लोगों का दोस्त बनना चाहिए। जो इमेज पहले खराब हुई थी, उसे वापस पाना होगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक के बाद एक कई अहम बैठक की। तय कार्यक्रमानुसार उन्होंने भूटान के अपने समकक्ष दाशो त्शेरिंग से भी द्विपक्षीय बातचीत की, जिसमें सम्मान आधारित रिश्तों में एआई की भूमिका पर मंथन किया। त्शेरिंग ने पीएम मोदी को बड़े भाई कहकर इस अति महत्वपूर्ण एआई समिट को आयोजित करने के लिए बधाई दी।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी अहमियत पर प्रकाश डाला। पोस्ट में लिखा, “दोनों नेताओं ने एनर्जी, कनेक्टिविटी, डेवलपमेंट पार्टनरशिप और पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट में हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों ने सबको साथ लेकर चलने वाली और जन केंद्रित एआई इस्तेमाल को अहम बताया। साथ ही एआई और डिजिटल टेक स्पेस में सहयोग को और रफ्तार देने पर सहमत हुए। दोनों नेताओं ने भरोसे, सद्भाव और आपसी सम्मान की बुनियाद पर खड़ी भारत-भूटान साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का अपना वादा दोहराया।”
बैठक के बाद भूटान के पीएम ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- अपने बड़े भाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें भारत में ग्लोबल साउथ का पहला एआई समिट आयोजित करने पर बधाई दी। साथ ही भूटान के राजा, सरकार और लोगों की तरफ से बधाई और शुभकामनाएं भी दीं।
बता दें, बुधवार को एक ही दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने मैराथन बैठक की। उनकी पहली बैठक हैदराबाद हाउस में स्पेन के राष्ट्रपति पेद्रो सांचेज के साथ हुई, जिसमें भारत और स्पेन के बीच रिन्यूएबल एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप और रक्षा सहयोग पर लंबी चर्चा हुई।