जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है. पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जाकिर गनी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है. उसका शव दक्षिण कश्मीर के सैदपोरा इलाके से बरामद किया गया है. आतंकवादी को मार गिराने के बाद सुरक्षा बलों ने हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए हैं.
शोपियां में शनिवार को एक एंटी-टेरर ऑपरेशन शुरू किया गया था. इस दौरान सुरक्षा बलों ने एक घने बाग में सर्विलांस कैमरों के जरिए दो आतंकवादियों को देखा था. लश्कर कमांडर ज़ाकिर गनी और उसके साथी लतीफ भट की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया गया.
इस कामयाबी की पुष्टि करते हुए J&K पुलिस ने पोस्ट किया, “तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते”. आतंकवादी को पकड़ने का यह ऑपरेशन J&K पुलिस, राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF ने मिलकर चलाया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने IANS को पुष्टि की कि गोली चलने की कुछ आवाज़ें सुनी गईं और सुरक्षा बलों ने उनका जवाब दिया. इसके बाद की तलाशी के दौरान, हथियार और गोला-बारूद के साथ एक शव बरामद किया गया.
You Can Run But You Can’t Hide !
One Lashkar terrorist neutralised by SOG Shopian, in a Jt Op, along with RR and CRPF.
— J&K Police (@JmuKmrPolice) July 8, 2026
जम्मू-कश्मीर का शोपियां जिला लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे आतंकवादी संगठनों के लिए एक रणनीतिक और बहुत सक्रिय केंद्र रहा है, जो दक्षिण कश्मीर को पीर पंजाल रेंज से जोड़ने वाले ट्रांजिट कॉरिडोर के तौर पर काम करता है. इस इलाके में उग्रवाद का जो जटिल इतिहास रहा है, उसकी वजह यहां के घने सेब के बाग और ऊबड़-खाबड़ जमीन है. इन जगहों ने ऐतिहासिक रूप से उग्रवादियों को छिपने, घेराबंदी से बचने और हमले करने के लिए प्राकृतिक आड़ दी है.

पिछले कुछ वर्षों में, शोपियां में आतंकवादी अल्पसंख्यक समुदायों, स्थानीय मजदूरों और सुरक्षा बलों पर हुए हाई-प्रोफाइल हमलों में शामिल रहे हैं. आतंकवादी नेटवर्क को खत्म करने के लिए भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF (जिसमें विक्टर फोर्स भी शामिल है) इस इलाके में आतंकवाद-विरोधी भारी मौजूदगी बनाए रखती हैं.
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