बदरीनाथ मंदिर थाली भेंट गड़बड़ी मामले में हाईकोर्ट सख्त, आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की याचिका खारिज



बदरीनाथ धाम:

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई जाने वाली ‘थाली भेंट’ की गणना के दौरान कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपी और निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को बड़ा झटका दिया है. प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन आदेश, दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि जब आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, तब गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी याचिका का कोई औचित्य नहीं रह जाता.

हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

मामले की सुनवाई उत्तराखंड हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ के समक्ष हुई. याचिकाकर्ता प्रमोद नौटियाल ने अपने खिलाफ जारी निलंबन आदेश को रद्द करने, दर्ज एफआईआर निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका को निरस्त कर दिया.

कोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जब याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, तब गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका स्वतः निरर्थक हो जाती है. अदालत ने इसी आधार पर राहत देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी.

सोशल मीडिया से सामने आया था मामला

मुकदमे के अनुसार मामला 2 जुलाई 2026 को सामने आया, जब श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि बदरीनाथ मंदिर में ‘थाली भेंट’ की गणना के दौरान कथित वित्तीय गड़बड़ी हुई है. सूचना मिलने के बाद मंदिर समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया और एक विभागीय जांच समिति गठित की.

प्रारंभिक जांच में सामने आए आरोप

विभागीय जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने कथित तौर पर सुबह लगभग 9 बजे से 9:30 बजे के बीच थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से धनराशि उठाई थी. जांच में कथित अनियमितता की पुष्टि होने के बाद मंदिर समिति ने तत्काल प्रभाव से प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया था.

मंदिर समिति ने दर्ज कराई थी शिकायत

जांच रिपोर्ट के आधार पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान ने कोतवाली बदरीनाथ में लिखित शिकायत दी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया.

जांच जारी

पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं. जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित वित्तीय अनियमितता की प्रकृति क्या थी और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी. फिलहाल हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद प्रमोद नौटियाल को मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है, जबकि पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी.





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