TMC सांसद कल्याण बनर्जी लोकसभा से निलंबित, महिला सांसदों से अभद्रता पर एक्शन
Raisina News Desk- जुलाई 22, 2026 03:45 PM IST

नई दिल्ली:
Kalyan Banerjee Suspended: संसद के मानसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ विवाद गहरा गया है. उन पर महिला सांसदों के प्रति असंसदीय भाषा के प्रयोग का आरोप लगा है, जिसके बाद इस मामले की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दी गई है. आरोप है कि उनका आचरण संसदीय मर्यादा और सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं था. इस मुद्दे पर अर्जुन राम मेघवाल द्वारा कार्रवाई का प्रस्ताव रखे जाने की मांग की गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सत्र की शेष अवधि के लिए कल्याण बनर्जी को निलंबित कर दिया गया है.
लोकसभा में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ निलंबन का प्रस्ताव रखा. सदन ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके बाद उन्हें मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. निलंबन की घोषणा के दौरान उनसे तत्काल सदन परिसर छोड़ने के लिए कहा गया. मामले को लेकर सत्ता पक्ष का कहना है कि किसी भी सांसद द्वारा महिला सदस्यों के प्रति अभद्र या असंसदीय व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता. संसदीय गरिमा और सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था.
महिला सांसदों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले TMC सांसद कल्याण बनर्जी को निलंबित किया गया
“वो तत्काल सभा की परिसर से बाहर चले जाए” 🔥 pic.twitter.com/5i96kiuhtd
— Social Tamasha (@SocialTamasha) July 22, 2026
कल्याण बनर्जी पर आरोप है कि उन्होंने संसद की कार्यवाही के दौरान टीएमसी की बागी महिला सांसदों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस टिप्पणी के बाद कई महिला सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की. शिकायतों के आधार पर मामला लोकसभा अध्यक्ष तक पहुंचा, जिसके बाद सदन में निलंबन प्रस्ताव लाया गया.
इस बीच निलंबन से पहले संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कल्याण बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, “जब हमारे बच्चे और छात्र सड़कों पर लड़ते हैं, तो हम उनके प्रतिनिधि होते हैं. अगर हम नहीं लड़ेंगे तो उनके लिए कौन लड़ेगा? हम लड़ते रहेंगे. हम हर जगह लड़ेंगे. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा. यह चोरों की सरकार है. वे मंदिर का पैसा भी चुराते हैं. उन्होंने देश को बेच दिया है. वे पेपर लीक करते हैं और उसके लिए भी पैसे लेते हैं. यह डकैतों की सरकार है.”
कल्याण बनर्जी के निलंबन के बाद संसद के भीतर राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है. विपक्षी दल इस कार्रवाई को राजनीतिक दृष्टिकोण से देख रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बता रहा है. अब मानसून सत्र के बाकी दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है.