क्या CJP भी इस्तीफे की मांग छोड़ेगी, आंदोलन खत्म करेगी? वांगचुक के बाद उठे सवाल तो अभिजीत दीपके ने साफ की तस्वीर
Raisina News Desk- जुलाई 24, 2026 03:18 PM IST

नई दिल्ली:
NEET पेपर लीक पर चल रहे बवाल के बीच सीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह अपना धरना प्रदर्शन खत्म करेगी या नहीं. दरअसल सोनम वांगचुक के इस्तीफे के बाद ये सवाल उठ रहा है कि क्या सीजेपी का रुख भी नजर पड़ेगा. अभिजीत दीपके ने अपने एक्स पोस्ट में ये साफ कर दिया है. वहीं केंद्र सरकार ने गुरुवार रात IAS विनीत जोशी को शिक्षा सचिव पद से हटाकर उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को नया शिक्षा सचिव नियुक्त किया. इस पर भी कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर ने तंज कसा है. दीपके ने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा, ‘सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है.’ वहीं अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक वह जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे.
VIDEO | Delhi: “Won’t leave Jantar Mantar till Union Education Minister Dharmendra Pradhan resigns”, says CJP founder Abhijeet Dipke.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/B4l0Xi5HxK
— Press Trust of India (@PTI_News) July 24, 2026
दीपके ने लिखा कि कल (गुरुवार) रात शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर दिया गया. उनकी जगह पशुपालन विभाग के एक IAS अधिकारी को लाया गया है, जिन पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं. अभिजीत ने आगे लिखा कि पेपर लीक और NEET से जुड़ा पूरा संकट सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार का नतीजा था. भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे एक अधिकारी की जगह ऐसे ही दूसरे अधिकारी को लाना देशभर के युवाओं का सीधा अपमान है.
The government is rewarding corruption instead of ensuring accountability!
Last night, the Education Secretary was transferred. He was replaced by an IAS officer from the Animal Husbandry Department who has severe multi-crore corruption charges against him.
The entire crisis…
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 24, 2026
सीजेपी फाउंडर ने कहा कि क्या सरकार हमसे इसी समझौते को स्वीकार करने की उम्मीद करती है? यह जवाबदेही नहीं है. जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक हम और हमारा आंदोलन नहीं रुकेगा.
बता दें कि शिक्षा सचिव के पद से हटाए गए विनीत जोशी 30 जून को संजय कुमार के रिटायर होने के बाद से ही स्कूली शिक्षा सचिव का पद भी संभाल रहे थे. वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के कार्यवाहक अध्यक्ष भी थे.उनको शिक्षा मंत्रालय से तबादला कर पंचायती राज मंत्रालय में भेज दिया गया है.
विनीत जोशी को साल 2018 में NTA का महानिदेशक नियुक्त किया गया था. 2021 तक वे इसी पद पर रहे. पिछले कुछ साल में NEET, JEE, UGC,CUET की भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर NTA लगातार सवालों के घेरे में है.
उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया है. केंद्र सरकार ने नौकरशाही में बड़ा फेरबदल करते हुए 13 सचिव स्तर की नियुक्तियों और तबादलों को मंजूरी दी है. स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की कमान टीके. अनिल कुमार को सौंपी गई है. यानी शिक्षा मंत्रालय के दोनों बड़े विभागों में शीर्ष स्तर पर बदलाव हुआ है.
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