छात्रों के खिलाफ दिल्ली में पैलेट गन, बिहार में AK-47 का इस्तेमाल, विपक्ष का बड़ा बवाल
Raisina News Desk- जुलाई 27, 2026 02:30 PM IST

नई दिल्ली:
पिछले दिनों दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मुद्दे पर हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस एक्शन हुआ था. 20 जुलाई को पोटेस्टर्स पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया और इसी दौरान पैलेट गन चलाए जाने की भी खबरें आई हैं. पैलेट गन से कई छात्र घायल भी हुए थे. जिनको इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती होने पड़ा था. वहीं, बिहार के सिवान जिले में 25 जुलाई को ‘बिहार बंद’ के दौरान विरोध कर रहे छात्रों पर एके-47 राइफल का इस्तेमाल करते हुए एक पुलिसकर्मी का वीडियो वायरल होने के बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया. इस तरह की कार्रवाई के को लेकर अब बिहार से दिल्ली तक विपक्ष ने बवाल काट दिया है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में पूरे सिस्टम को छात्रों के खिलाफ जानलेवा बताया है. राहुल गांधी ने लिखा, “खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार करके उनपर FIR की जा रही है. मोदी जी, कहां गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है.”
उन्होंने आगे लिखा, “दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन चली और बिहार में AK-47. उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली- हर जगह पैटर्न एक ही है. पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है. सुधार इनके बस का नहीं है. अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज दबाएगी. मोदी जी, देश के छात्रों से माफी मांगिए और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं.
‘छात्र आतंकवादी नहीं…’
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह हद है. अभी भी बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही हैं. मैंने सुना है (हालांकि मैंने इसकी पुष्टि नहीं की है) कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने वाली लड़कियों के माता-पिता को फोन करके पूछा गया कि उन्होंने अपनी बेटियों को प्रदर्शनों में शामिल होने की इजाजत क्यों दी. यह कैसी बकवास है? क्या लड़कियां विरोध नहीं कर सकतीं? और विरोध स्थल पर AK-47 और ऐसे हथियारों की क्या जरूरत थी? इन लोगों को क्या हो गया है? छात्र आतंकवादी नहीं हैं.”
VIDEO | Parliament Monsoon Session: Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, “This is the limit. Even now, FIRs are being registered against students in Bihar and West Bengal. I have heard, though I have not verified it, that parents of girls who participated in the protests… pic.twitter.com/yFkVBwsOjA
— Press Trust of India (@PTI_News) July 27, 2026
संसद में चर्चा के लिए नोटिस
पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कार्रवाई के विरोध में संसद में भी गतिरोध जारी है. कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, “माफी मांगनी होगी और पैलेट गन के इस्तेमाल की जिम्मेदारी और जवाबदेही लेनी होगी.”
कांग्रेस सांसद विजयकुमार उर्फ विजय वसंत ने लोकसभा में ’20 जुलाई 2026 को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग’ के संबंध में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है.
इसके अलावा, कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने भी सदन की कार्यवाही रोक कर इस मुद्दे पर चर्चा करने का प्रस्ताव दिया. यह प्रस्ताव 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग, पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल और महिला छात्रों पर हमले के मुद्दे पर तत्काल चर्चा के लिए है.
इसके साथ ही, इसमें केंद्रीय गृह मंत्री से जिम्मेदारी तय करने और पुलिस कार्रवाई के आदेश के बारे में विस्तृत बयान देने और पीएम मोदी से सदन को यह भरोसा दिलाने वाला बयान देने की मांग की गई है कि शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाएगी. इन गंभीर चिंताओं को देखते हुए, इस मामले पर सदन में तत्काल विचार और चर्चा की जरूरत है.
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‘चेतना को चुनौती नहीं देनी चाहिए…’
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “अभी सरकार कई जगहों पर छात्रों और युवाओं के खिलाफ मामले दर्ज कर रही है. सरकार को चेतना को चुनौती नहीं देनी चाहिए थी.”
कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल से किए गए पोस्ट में कहा गया, “नरेंद्र मोदी और बीजेपी का पूरा सिस्टम छात्रों की जान लेने पर तुला है. खबर बिहार से हैं, जहां विरोध प्रदर्शन के दौरान BJP सरकार ने AK-47 से स्टूडेंट्स पर गोलियां चलवाईं. सवाल है- मोदी सरकार के उस वादे का क्या हुआ, जिसमें कहा गया था कि किसी छात्र पर केस दर्ज नहीं होगा और दर्ज केस भी वापस लिए जाएंगे.”
इसमें आगे कहा गया, “यानी पैटर्न वही- दिल्ली में पैलेट गन और बिहार में AK-47. नरेंद्र मोदी फिर से छात्रों को धोखा दे रहे हैं, अपने वादे से मुकर रहे हैं, जबकि उन्हें बर्बरता के लिए छात्रों से माफी मांगनी चाहिए.”
‘NDA सरकार को महंगा पड़ेगा…’
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “7 हत्याओं का आरोपी बिहार का मुख्यमंत्री सड़क छाप अपराधी है, जिसने तमाम लोकतांत्रिक परंपराओं को त्याग देश में पहली बार प्रदर्शनकारी छात्रों पर AK-47 से गोली चलवाई है.”
उन्होंने आगे कहा कि छात्रों से समझौते के बाद भी बिहार में हजारों छात्रों पर फर्जी केस दर्ज कर हिरासत में लिया जा रहा है, परिजनों को प्रताड़ित किया जा रहा है. अगर छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो NDA सरकार को महंगा पड़ेगा.
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‘पैलेट गन चलाने वाले जवान की हुई पहचान…’
जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों पर पैलेट गन चलाने वाले जवान की पहचान कर ली गई है. CRPF की एक टीम इस मामले की जांच करके रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. जंतर-मंतर हिंसा के दौरान पैलेट गन के कथित गैरकानूनी इस्तेमाल की जांच कर रहे CRPF के जांच टीम की रिपोर्ट अगले एक हफ्ते में आ सकती है.
जांच आयोग यह भी पता लगाएगा कि किन परिस्थितियों में पैलेट गन चलानी पड़ी. किन-किन जगहों पर इसका इस्तेमाल किया गया. इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. पैलेट गन चलाने से कई छात्रों के शरीर पर गंभीर जख्म आए थे.
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वायरल वीडियो में दिखे थे जवान
अधिकारियों ने बताया कि आरएएफ ने सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियोज और तस्वीरों का संज्ञान लिया है, जिनमें नीले रंग की वर्दी पहने जवान दिखाई दे रहे हैं. इनमें कुछ वीडियोज में जवान बंदूक और लाठी लिए नजर आ रहे हैं. उन्हें लाठीचार्ज करते देखा जा सकता है. वहीं, कुछ अन्य वीडियो में प्रदर्शनकारियों द्वारा जवानों को घेरकर उन पर हमला करते भी देखा जा सकता है.
सीआरपीएफ के एक सीनियर ऑफिसर ने कहा, ‘‘ऐसी कार्रवाई के दौरान जवानों के आचरण की जांच के लिए निर्धारित सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा.”